Godda News: महागामा में मानवाधिकार की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। संचालक पवन तुरी को पुलिस ने शुक्रवार को बोकारो से गिरफ्तार किया।
गोड्डा। महागामा के बलिया घाट के समीप पकड़ी गई मिनी गन फैक्ट्री के संचालन को लेकर बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। इसका संचालन मानवाधिकार की आड़ में हो रहा था। पुलिस ने शुक्रवार को मानवाधिकार एक्टिविस्ट पवन तुरी को बोाकारो से गिरफ्तार कर लिया।
मिनी गन फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद से संचालक पवन तुरी फरार हो गया था। इस मामले में महागामा थाना की पुलिस ने संचालक पवन तुरी की मां और पिता दोनों को पहले ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। बिहार और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार 16 सितंबर को मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ था।
जानकारी के अनुसार, पवन तुरी बीते तीन-चार सालों से इस धंधे में लिप्त था। वह चोरी-छिपे एक झोपड़ी में मिनी गन फैक्ट्री संचालित करता था। किसी को भनक न लगे, इसके लिए वह गन तैयार करने के दौरान डीजे आदि बजा देता था।
इसके अलावा, संचालक पवन के पिता हराधन मिर्धा इस मामले को छिपाने के लिए पत्तल और ग्लास आदि का कारोबार करते थे। आरटीआई, मानवाधिकार और यूट्यूबर का टैग लगाकर मिनी गन फैक्ट्री का संचालक पवन इस गोरखधंधे को बहुत ही सफाई से अंजाम दे रहा था।
इसके सहारे वह महागामा और ललमटिया आदि जगहों पर अपनी धमक जता रहा था। यहां तक कि महागामा सहित आसपास के थाना क्षेत्रों में भी उसका प्रभाव था। स्थानीय थानों की पुलिस से भी वह संपर्क में था। बिहार पुलिस की मानें तो आसपास के इलाके में अब तक की यह सबसे बड़ी मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ है।
बिहार व गोड्डा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भंडाफोड़
मालूम हो कि महागामा के बलिया घाट स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से सटे क्षेत्र में एक झोपड़ीनुमा मकान में संचालित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया था।
बुधवार को बिहार के मुंगेर से आई एसटीएफ की टीम ने महागामा थाना पुलिस के साथ मिलकर मिनी गन फैक्ट्री में छापेमारी की थी। इस दौरान भारी मात्रा में देसी गन बनाने का सामान, मिनी लेथ मशीन, ड्रिल मशीन आदि बरामद किए गए थे।
इसके बाद से फरार पवन तुरी की मुंगेर पुलिस के साथ-साथ महागामा पुलिस भी तलाश रही थी। वहीं, मिनी गन फैक्ट्री को भंडाफोड़ के बाद लोग दंग हैं। खासकर मानवाधिकार की आड़ में मिनी गन फैक्ट्री के संचालन को लेकर।



