देवघर। देवघर बायपास लिंक रेल परियोजना अब परिचालन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है। करीब 340 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लगभग 3.9 किलोमीटर लंबे नये रेलखंड का गुरुवार को पूर्व सर्किल के मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने निरीक्षण किया। इस दौरान आसनसोल मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य, सीएओ/कॉन मनोज खां समेत रेलवे के कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीआरएस ने अधिकारियों के साथ ट्रॉली के माध्यम से पूरे नवनिर्मित रेलखंड का जायजा लिया। उन्होंने रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और निर्माण से जुड़ी अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
ट्रैक और पुल-पुलिया की स्थिति परखी
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने परियोजना के निर्माण और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी सीआरएस को दी। रेलखंड की संरचना, ट्रैक की स्थिति और परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की गयी। सीआरएस के निरीक्षण को रेलखंड के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।
विशेष ट्रेन से किया गया गति परीक्षण
ट्रॉली निरीक्षण के बाद नये रेलखंड पर विशेष ट्रेन चलाकर गति परीक्षण किया गया। ट्रेन देवघर लिंक से कुमड़ाबाद रोहिणी तक गयी। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रैक की क्षमता और रेल परिचालन से संबंधित तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया।
जसीडीह में इंजन बदलने की जरूरत होगी खत्म
देवघर बायपास लिंक रेलखंड के चालू होने के बाद देवघर, दुमका और गोड्डा समेत कई इलाकों की ओर जाने वाली ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में लगने वाला अतिरिक्त समय कम होगा और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
8.8 किलोमीटर की कनेक्टिविटी में 3.9 किलोमीटर नया रेलखंड
कुमड़ाबाद रोहिणी से देवघर बायपास होते हुए देवघर स्टेशन तक रेल संपर्क की कुल लंबाई लगभग 8.8 किलोमीटर है। इसमें करीब 3.9 किलोमीटर का नया लिंक रेलखंड बनाया गया है। परियोजना का उद्देश्य देवघर को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने के साथ ट्रेनों के परिचालन में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करना है।
निरीक्षण से पहले की गयी पूजा-अर्चना
सीआरएस गुरु प्रकाश ने निरीक्षण शुरू करने से पहले रेलवे ट्रैक पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ नये रेलखंड का तकनीकी निरीक्षण किया। निरीक्षण और गति परीक्षण के बाद अब रेलखंड को परिचालन के लिए तैयार करने से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी।



