• About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Atal Bharat  News
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
  • 🔥
  • झारखंड
  • साहिबगंज
  • बिहार
  • रांची
  • देश और दुनिया
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • दिल्ली
  • Uncategorized
  • पटना
Atal Bharat  NewsAtal Bharat  News
Font ResizerAa
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Search
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.
Atal Bharat News > झारखंड > रांची > IIT-ISM धनबाद के कर्मचारियों को पेंशन योजना पर हाईकोर्ट से राहत, GPF में रखने का आदेश

IIT-ISM धनबाद के कर्मचारियों को पेंशन योजना पर हाईकोर्ट से राहत, GPF में रखने का आदेश

Priyanka Kumari
Last updated: 2026/09/30 at 10:38 AM
Priyanka Kumari
Share
SHARE

IIT-ISM धनबाद के कर्मचारियों को GPF-कम-पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. झारखंड हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है. जानें कब से लागू होगा लाभ.

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने IIT (ISM) धनबाद के कर्मचारियों को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए उन्हें GPF-कम-पेंशन योजना का लाभ देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने 29 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि 1 जनवरी 1986 के बाद नियुक्त कर्मचारियों से CPF योजना चुनने का विकल्प लेना ही संस्थान की गलती थी. इसलिए केवल इस आधार पर कर्मचारियों को पेंशन योजना से वंचित नहीं किया जा सकता कि उन्होंने CPF का विकल्प चुना था.

Contents
2019 में कर्मचारियों को वापस CPF में किया गया थाकेंद्र सरकार ने कहा था, कर्मचारियों ने खुद CPF चुनाकर्मचारियों ने कहा, विकल्प लेना ही नियम के खिलाफ थासुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवालारिटायर कर्मचारियों को भी मिलेगा पेंशन लाभ

2019 में कर्मचारियों को वापस CPF में किया गया था

मामला IIT-ISM के तत्कालीन भारतीय स्कूल ऑफ माइंस के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति व्यवस्था से जुड़ा है. संस्थान ने 1987 में कर्मचारियों को CPF या GPF-कम-पेंशन योजना चुनने का विकल्प दिया था. बाद में 2017 में कुछ कर्मचारियों को GPF-कम-पेंशन योजना में रखा गया. हालांकि, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की आपत्तियों के बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने 4 सितंबर 2019 को उन्हें दोबारा CPF योजना में भेजने का फैसला किया. इसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

केंद्र सरकार ने कहा था, कर्मचारियों ने खुद CPF चुना

अपील में केंद्र सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कर्मचारियों ने खुद CPF योजना का विकल्प चुना था और लंबे समय तक उसी व्यवस्था में रहे. इसलिए अब तीन दशक से अधिक समय बाद उन्हें GPF-कम-पेंशन योजना में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. सरकार ने यह भी कहा कि संस्थान एक स्वायत्त निकाय था और पेंशन व्यवस्था में बदलाव के लिए केंद्र की मंजूरी जरूरी थी.

कर्मचारियों ने कहा, विकल्प लेना ही नियम के खिलाफ था

कर्मचारियों की ओर से दलील दी गई कि 1 जनवरी 1986 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को GPF योजना के तहत रखा जाना था. संस्थान ने बाद में खुद माना था कि ऐसे कर्मचारियों से CPF का विकल्प लेना गलत था. 3 जनवरी 1994 के नोटिस में भी नए कर्मचारियों को GPF योजना के लिए पात्र बताया गया था. 2017 की समिति ने भी माना कि 1986 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को GPF-कम-पेंशन योजना में रखा जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला

खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य तौर पर 1 जनवरी 1986 के बाद नियुक्त कर्मचारी GPF योजना के दायरे में आते हैं और CPF अपवाद था. हाईकोर्ट ने यह भी माना कि कर्मचारियों से CPF चुनने का विकल्प लेना ही संस्थान की गलती थी. इसलिए उस गलत प्रक्रिया के आधार पर कर्मचारियों के पेंशन अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता.

रिटायर कर्मचारियों को भी मिलेगा पेंशन लाभ

हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संबंधित कर्मचारियों को GPF-कम-पेंशन योजना के तहत माना जाए. जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं और उन्हें CPF के लाभ नहीं मिले हैं, उन्हें GPF-कम-पेंशन योजना के तहत पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं. वहीं जिन रिटायर कर्मचारियों को CPF का लाभ पहले ही मिल चुका है, उन्हें GPF पेंशन का लाभ लेने के लिए ISM की ओर से CPF में जमा सरकारी अंशदान वापस करना होगा.

Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article साहिबगंज के एलडीएम प्रभु दयाल टोपनो का निधन, इलाज के दौरान सदर अस्पताल में ली अंतिम सांस
Next Article CEC की बर्खास्तगी की मांग को लेकर JMM का लोक भवन घेराव, रांची कॉलेज मैदान में जुट रहे कार्यकर्ता
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मादा की तलाश में पलामू से दलमा तक भटकते हुए वापस लौटे छह बाघ, झारखंड के जंगलों से क्यों रूठे हैं ‘सुल्तान’?
October 16, 2026
रांची में कहीं 1883 की परंपरा, तो कहीं चट्टान काटकर बने मंदिर में 1826 से पूजी जा रही हैं मां दुर्गा
October 16, 2026
रांची में दुर्गा पूजा पर श्रद्धालुओं के लिए रात भर चलेंगी सिटी बसें, निःशुल्क आश्रयगृह भी उपलब्ध
October 16, 2026
CISF का बड़ा फैसला: रांची के नियंत्रण में कोल सेक्टर, स्टील और पावर सेक्टर के लिए भी तय होगी जिम्मेवारी
October 16, 2026

You Might Also Like

झारखंडरांची

मादा की तलाश में पलामू से दलमा तक भटकते हुए वापस लौटे छह बाघ, झारखंड के जंगलों से क्यों रूठे हैं ‘सुल्तान’?

By Priyanka Kumari
झारखंडरांची

रांची में कहीं 1883 की परंपरा, तो कहीं चट्टान काटकर बने मंदिर में 1826 से पूजी जा रही हैं मां दुर्गा

By Priyanka Kumari
झारखंडरांची

रांची में दुर्गा पूजा पर श्रद्धालुओं के लिए रात भर चलेंगी सिटी बसें, निःशुल्क आश्रयगृह भी उपलब्ध

By Priyanka Kumari
झारखंड

CISF का बड़ा फैसला: रांची के नियंत्रण में कोल सेक्टर, स्टील और पावर सेक्टर के लिए भी तय होगी जिम्मेवारी

By Priyanka Kumari
Atal Bharat  News

About US

AtalBharat TV is Digital Wave Media News Channel. We are guided by a clear vision, mission and the core Indian value of “Satyam Shivam Sundaram”. Amidst the threats of fakes and deep-fakes, we will strive to serve audiences across geographies with truth-based news and information.

Important Pages
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Usefull Links
  • DNPA Code
  • Submit News
  • Advertise

Contact Address

Helpline: +91-6204459521
9471359719
Email: atalbharatnews@gmail.com
Address: Sahibganj, Jharkhand, 816109.

© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?