दुमका: विभिन्न मांगों को लेकर दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो सदस्यों की भूख हड़ताल जारी है. आज शुक्रवार को हंगर स्ट्राइक के चौथे दिन दोनों छात्रों की हालत बिगड़ गई. जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक मेडिकल टीम को मौके पर भेजा गया.
चिकित्सक ने की छात्रों की जांच

दुमका सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मकसूद आलम ने भूख हड़ताल पर बैठे दोनों छात्र सूरज कुमार और हिमांशु कुमार के स्वास्थ्य की जांच की. डॉक्टर ने बताया कि दोनों की स्थिति अच्छी नहीं है. दोनों का ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज लेवल लगातार कम होता जा रहा है. क्या कहते हैं छात्र
भूख हड़ताल में बैठे दोनों छात्र के अलावा कई ऐसे भी छात्र हैं जो इन्हें समर्थन देने धरना स्थल पर बैठे हुए हैं. उनमें से एक छात्र मनीष कुमार ने बताया कि अभी तक एसकेएम विश्वविद्यालय और प्रशासन का कोई भी अधिकारी हमारी सुध लेने नहीं आए हैं. जबकि हमारी मांगें बिल्कुल जायज हैं.
क्या है प्रमुख मांगें छात्रों की प्रमुख मांग यह है कि विश्वविद्यालय की प्रभारी परीक्षा नियंत्रक रीना नीलिमा लकड़ा को हटाया जाए. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में परीक्षा विभाग में परीक्षा संचालन, परिणाम प्रकाशन, प्रमाण पत्र निर्गत करने में, परीक्षा केंद्र निर्धारण और पुनर्मूल्यांकन कार्य में अनियमितता बरती जा रही है. इसकी जांच किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय कमेटी या सक्षम अधिकारी से कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. इसके साथ एसकेएमयू में रिजल्ट प्रकाशन, सर्टिफिकेट प्रिंट वगैरह का काम करने वाली एनसीसीएफ नामक एजेंसी को हटाया जाए, विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के लिए एक शिकायत समाधान केंद्र बनाया जाए, विश्वविद्यालय और इसके अंतर्गत जितने भी महाविद्यालय हैं वहां जनरल और ओबीसी कैटेगरी के छात्रावास का निर्माण यथाशीघ्र कराया जाए, वर्तमान में चल रहे छात्रावासों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, भोजन, सुरक्षा के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए. विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन का काम शीघ्र पूरा कराया जाए और नवनिर्मित भवन को विद्यार्थियों के उपयोग में लाने के पूर्व उसकी तकनीकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य की जांच सक्षम एजेंसी से कराई जाए, विश्वविद्यालय में पढ़ाई और परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित समय सारणी में कराई जाए, विश्वविद्यालय में एलएलबी की पढ़ाई शुरू कराई जाए.



