बृजमोहन राम ओडिशा के राज्यपाल नियुक्त हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन से उन्हें नियुक्ति की जानकारी मिली. उन्होंने नई जिम्मेदारी को माता रानी की कृपा बताते हुए ओडिशा के लोगों की मूलभूत समस्याओं पर काम करने की बात कही.
रांची: झारखंड के पलामू जिले से भाजपा के साधारण कार्यकर्ता से विधायक, सांसद और अब ओडिशा के राज्यपाल बनने तक का सफर बृजमोहन राम के लिए भावुक कर देने वाला है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से छह राज्यों के राज्यपालों में बदलाव की घोषणा के बाद झारखंड के पूर्व सांसद बृजमोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. इस खबर से रांची स्थित उनके आवास पर खुशी का माहौल है. परिवार के सदस्य, समर्थक और पार्टी से जुड़े लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं. बृजमोहन राम ने इस नई जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया.
नवरात्रि में मिली जिम्मेदारी को बताया माता रानी की कृपा
राज्यपाल नियुक्त होने के बाद बातचीत में बृजमोहन राम ने कहा कि नवरात्रि के समय माता रानी की कृपा से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने कहा कि पार्टी के एक छोटे कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए वह नेतृत्व के आभारी हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि वह अपने दायित्व को पूरी मेहनत और संघर्ष के साथ निभाने की कोशिश करेंगे. उनके अनुसार, वह लंबे समय से संगठन के लिए काम करते रहे हैं और जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद तो थी, लेकिन इतनी बड़ी जिम्मेदारी अचानक मिलने की अपेक्षा नहीं थी.
सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आया फोन
बृजमोहन राम ने बताया कि उन्हें नियुक्ति की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन से मिली. उन्होंने कहा कि सुबह उठने के बाद प्रधानमंत्री का फोन आया. पहले उन्होंने उनका हालचाल और स्वास्थ्य पूछा. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके विधायक के रूप में काम का भी उल्लेख किया. बृजमोहन राम ने बताया कि वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया था. उस समय प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करने का प्रसंग भी उन्हें याद है. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को वर्षों पुरानी यह घटना अब तक याद थी. इसके बाद अमित शाह का भी फोन आया, जिसमें उन्हें राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गयी.
ओडिशा जाकर लोगों की समस्याओं को समझेंगे
नई जिम्मेदारी को लेकर बृजमोहन राम ने कहा कि ओडिशा पहुंचने के बाद वह वहां के लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य की मूलभूत समस्याओं पर लोगों के साथ बैठकर विचार करेंगे और उनकी सेवा करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी उनके पास किसी विशेष मुद्दे को लेकर पहले से तैयार योजना नहीं है. वहां पहुंचने, जिम्मेदारी संभालने और स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद ही प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा.
पत्नी ने जताया भरोसा, परिवार के लिए भावुक पल
बृजमोहन राम की पत्नी ने इस उपलब्धि पर खुशी जतायी. बातचीत के दौरान वह भावुक हो गयीं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास था कि भगवान उनकी प्रार्थना जरूर सुनेंगे. उन्होंने माता रानी और भोले बाबा से लगातार प्रार्थना की थी. परिवार के अन्य सदस्य भी इस उपलब्धि से भावुक नजर आये. उनके बेटे ने भी इसे परिवार के लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण बताया.
पार्टी के लिए लगातार काम करने का मिला परिणाम
बृजमोहन राम के बेटे ने कहा कि उनके पिता लंबे समय से पार्टी के लिए लगातार काम करते रहे हैं. पार्टी ने जब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी दी, उन्होंने उसे निभाने का प्रयास किया. चुनाव और संगठन से जुड़े कार्यों में वह सक्रिय रहे. परिवार का मानना है कि उनके लंबे संघर्ष और समर्पण को नेतृत्व ने पहचाना है. राज्यपाल की जिम्मेदारी मिलने से परिवार के साथ झारखंड के समर्थकों में भी उत्साह है.
झारखंड और ओडिशा के लोगों के लिए की प्रार्थना
बृजमोहन राम ने अपनी नियुक्ति के लिए माता रानी को धन्यवाद दिया. उन्होंने प्रार्थना की कि माता रानी की कृपा उनके परिवार, झारखंड, ओडिशा और पूरे देश के लोगों पर बनी रहे. उनके आवास पर बधाई देने वालों का पहुंचना जारी रहा. अब उनकी प्राथमिकता ओडिशा में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालने और वहां के लोगों की समस्याओं को समझने की होगी. उनके लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत खुशी के साथ लंबे राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है.



