सदर अस्पताल में मारपीट मामले में स्वास्थ्य विभाग ने पार्किंग एजेंसी ‘सोफ्टडील प्रोफेशनल सर्विस’ को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है. एजेंसी से जवाब मांगा गया है.
रांची. रांची सदर अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था को लेकर जारी विवाद के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अस्पताल परिसर में पर्यवेक्षक अजीत कुमार राय के साथ कथित मारपीट के मामले में सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने पार्किंग संचालित करनेवाली एजेंसी मेसर्स सोफ्टडील प्रोफेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, रांची से स्पष्टीकरण मांगा है.
12 अक्तूबर को जारी आदेश में एजेंसी को चेतावनी दी गयी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे काली सूची में डालने (Blacklist), डिबार करने और भविष्य की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित करने की बड़ी कार्रवाई की जा सकती है. स्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी को 13 अक्तूबर 2026 को अपराह्न चार बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय में अपना जवाब जमा करने का निर्देश दिया है.
शो-कॉज में हुआ मारपीट की घटना का जिक्र
जारी आदेश के अनुसार, 9 अक्तूबर को शाम करीब चार से पांच बजे के बीच एजेंसी के कर्मियों ने अस्पताल परिसर में पर्यवेक्षक अजीत कुमार राय को कथित तौर पर एकांत में बुलाकर उनके साथ मारपीट की. इस हमले में राय गंभीर रूप से घायल हो गये. आरोप है कि हमलावर उन्हें बेहोशी की हालत में मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए, जिन्हें बाद में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पहले से विवादों में रही है पार्किंग व्यवस्था
सदर अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था लंबे समय से विवादों में घिरी रही है. यहां पार्किंग शुल्क की कथित मनमानी वसूली, मरीजों के परिजनों की भारी परेशानी और एंबुलेंस की आवाजाही में बाधा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. सिविल सर्जन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि एजेंसी के कर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं.
इस संबंध में कई बार चेतावनी देने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया. एजेंसी के कर्मी न केवल पर्यवेक्षक, बल्कि अस्पताल के अन्य कर्मचारियों, पदाधिकारियों और वहां इलाज कराने आने वाले आम लोगों के साथ भी लगातार अभद्र व्यवहार करते रहे हैं.



