आदिवासी परिधान में दिखे महतो, कहा- मेहनत और योग्यता से मिले नौकरी, सिफारिश से नहीं
साहिबगंज। संवाददाता। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय नेता देवेंद्र नाथ महतो रविवार को 24 जिलों की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत साहिबगंज पहुंचे। शनिवार को पाकुड़ में छात्रों से संवाद के बाद देर शाम राजमहल पहुंचकर रात्रि विश्राम किया और रविवार को साहिबगंज जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने साहिबगंज महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान आदिवासी संस्कृति की पहचान पारंपरिक परिधान और तीर-धनुष के साथ युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। वहीं, कॉलेज परिसर में मोर्चा के जिलाध्यक्ष अर्जुन महतो, समेत अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।
कॉलेज परिसर में कार्यकर्ताओं एवं छात्रों ने उनका जोरदार स्वागत किया। “देवेंद्र नाथ महतो जिंदाबाद” और परीक्षा धांधली एवं भर्ती घोटाले के विरोध में नारे लगाए गए। इसके बाद उन्होंने आदिवासी छात्रावास में विद्यार्थियों से मुलाकात कर परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जागरूक किया।
तीर-धनुष उठाकर शिबू सोरेन को बताया आदर्श:

इसके बाद महतो सिद्धो कानू स्टेडियम पहुंचे और वहां सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। तीर-धनुष हाथ में लेकर उन्होंने झारखंड की वीर परंपरा और संस्कृति का उल्लेख करते हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन को अपना आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि साहिबगंज वीरों की धरती है और यहां से उठने वाली युवाओं की आवाज पूरे झारखंड तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ युवाओं की लड़ाई जारी रहेगी। महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री का साहिबगंज से सीधा जुड़ाव है और वे बरहेट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में साहिबगंज की धरती से उठी छात्रों की आवाज मुख्यमंत्री तक जरूर पहुंचेगी।
सीबीआई जांच से दूध का दूध, पानी का पानी होने की मांग :

देवेंद्र महतो ने कहा कि यह किसी एक जिले के छात्रों की आवाज नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं की आवाज है। उन्होंने भर्ती मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि जांच के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की एकजुट आवाज से सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। साहिबगंज से आगे बढ़ने से पहले महतो ने जिले की धरती को नमन किया और अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। इसके बाद वे बरहेट के भोगनाडीह में सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गोड्डा की ओर रवाना हुए।



