नियमों की अनदेखी पर सील किये शांति ईंट भट्ठे से दोबारा ईंट निर्माण शुरू हुआ. जिला खनन टास्क फोर्स ने 30 हजार कच्ची ईंटें नष्ट कर संचालकों में हड़कंप मचा दिया.
बरहरवा. साहिबगंज उपायुक्त के निर्देश पर माइनिंग इंस्पेक्टर द्वारा सील किये जाने के बावजूद दोबारा ईंट निर्माण शुरू करना एक ईंट भट्ठा संचालक को भारी पड़ गया. गुरुवार को जिला खनन टास्क फोर्स की टीम ने बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में संचालित करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान मेंहदीडांगा स्थित सील किये गये शांति ईंट भट्ठे में करीब 30 हजार कच्ची ईंटों को नष्ट करा दिया गया. प्रशासन की इस कार्रवाई से ईंट भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया.
सील के बावजूद दोबारा शुरू कर दिया था ईंट निर्माण
जानकारी के अनुसार, बीते तीन नवंबर को प्रशासन ने नियमों की अनदेखी के मामले में तीन ईंट भट्ठों को सील किया था. इसके बावजूद मेंहदीडांगा स्थित शांति ईंट भट्ठे में दोबारा ईंट निर्माण और कटाई का काम शुरू कर दिया गया था. इसकी सूचना मिलने पर गुरुवार को अधिकारियों की टीम ने अचानक भट्ठे पर छापेमारी की. जांच के दौरान सील किये जाने के बाद भी ईंट निर्माण का काम जारी पाया गया. इसके बाद ट्रैक्टर की सहायता से करीब 30 हजार कच्ची ईंटों को नष्ट करा दिया गया.
करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों का किया गया औचक निरीक्षण
जिला खनन टास्क फोर्स की टीम ने बरहरवा प्रखंड के सिरासिन, मेंहदीडांगा, लालमाटी, फुटानी मोड़ सहित अन्य इलाकों में संचालित जय जवान, सहारा वन, जय किशन, नसीब, जय भारत, गोल्डन, भारत और शांति सहित करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों का निरीक्षण किया. इस दौरान संचालकों से आवश्यक कागजातों की जांच-पड़ताल भी की गयी.
सीटीओ समेत सभी जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य

इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में उन्हीं ईंट भट्ठों के संचालन की अनुमति दी जायेगी, जिनके पास सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होंगे. नियमों का उल्लंघन करने वाले ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जायेगी.
खनन टास्क फोर्स की टीम में ये अधिकारी थे शामिल
औचक निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू, राजमहल एसडीओ सदानंद महतो, बरहरवा अंचलाधिकारी अनोज कुमार, माइंस इंस्पेक्टर राजेश कुमार और बरहरवा थाना प्रभारी रूपेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.



