हेसाग में संत चार्ल्स बोरोमियो का पर्व श्रद्धा से मना. आर्चबिशप ने अच्छे चरवाहे के गुणों पर जोर दिया और संत चार्ल्स के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
St Charles Borromeo Feast: हेसाग स्थित संत चार्ल्स सिस्टर्स बोरोमियो विद्यालय में बुधवार को संरक्षक संत चार्ल्स बोरोमियो का पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया.
सेवाभाव और समर्पण ही अच्छे चरवाहे की पहचान
आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने अपने संदेश में एक अच्छे चरवाहे के गुणों पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि एक सच्चा चरवाहा प्रेम, करुणा, त्याग और सेवा की भावना से परिपूर्ण होता है. वह केवल लोगों का नेतृत्व नहीं करता, बल्कि उनकी कठिनाइयों और आवश्यकताओं को समझते हुए उनके सुख-दुख में सहभागी भी बनता है. उन्होंने कहा कि अच्छे चरवाहे की पहचान उसके पद या अधिकार से नहीं, बल्कि सेवाभाव, समर्पण और दूसरों के प्रति चिंता से होती है. संत चार्ल्स बोरोमियो का जीवन सेवा, अनुशासन, विनम्रता और कलीसिया के प्रति पूर्ण समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है.
संत चार्ल्स के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
आर्चबिशप ने कहा कि संत चार्ल्स बोरोमियो ने अपने जीवन में लोगों की आध्यात्मिक उन्नति और कल्याण को प्राथमिकता दी. उन्होंने धर्मबहनों से संत के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपनी बुलाहट और सेवाकार्य में अच्छे चरवाहे के गुणों को आत्मसात करने का आह्वान किया. मिस्सा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संत चार्ल्स बोरोमियो विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया.
कार्यक्रम में हेसाग पल्ली के फादर अमृत मिंज, फादर अभय मिंज, विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर बिनुथ, सिस्टर मेरी कुट्टी जैकब, आर्चबिशप के सचिव फादर असीम मिंज सहित अन्य उपस्थित थे.



