श्रद्धालुओं को मिलेगी चेंजिंग रूम, शौचालय और बच्चों के मनोरंजन की सुविधा; बोंगा कोचा झरना व रक्सी स्थान के विकास की भी तैयारी
साहिबगंज। संवाददाता। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल मोती झरना स्थित मोतीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। बोरियो विधायक धनंजय सोरेन ने तालझारी प्रखंड अंतर्गत मोती झरना के आसपास उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन किया। शिलान्यास पट्ट के अनुसार इस योजना पर 92 लाख 6 हजार 807 रुपये की लागत आई है।
विधायक ने कहा कि मोती झरना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार और सौंदर्यीकरण कराया गया है। पार्क में श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय, बच्चों के खेलने-कूदने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल्द लगेगी सुरक्षा जाली
विधायक धनंजय सोरेन ने कहा कि मोतीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी प्राथमिकता है। पहाड़ी से पत्थर गिरने की संभावना को देखते हुए जल्द ही सुरक्षा जाली लगाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह का खतरा न रहे।
उन्होंने बताया कि बोरियो क्षेत्र के बोंगा कोचा झरना को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं रक्सी स्थान को भी व्यापक स्तर पर विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित कार्य शुरू किए जाएंगे।
6.96 करोड़ की लागत से संयुक्त बीज एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शिलान्यास:

इसके अलावा विधायक धनंजय सोरेन ने साहिबगंज में संयुक्त बीज एवं मृदा (मिट्टी) परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण तथा उप-विभागीय कृषि फार्म, साहिबगंज के लिए चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) निर्माण की योजना का शिलान्यास किया। शिलान्यास पट्ट के अनुसार इस योजना की कुल लागत 6 करोड़ 95 लाख 76 हजार 967 रुपये है। विधायक ने कहा कि किसानों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ मिट्टी की जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। अब तक मिट्टी की जांच के लिए नमूने बाहर भेजने पड़ते थे, लेकिन प्रयोगशाला के निर्माण के बाद किसानों को साहिबगंज में ही मिट्टी परीक्षण एवं बीज से संबंधित जांच की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार फसल और खाद का बेहतर चयन करने में मदद मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मी, संबंधित अभियंता, संवेदक शुभम तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



