शोभनपुर भट्ठा की मीनाक्षी देवी का आरोप- दूसरे प्रसव के दौरान बिना जानकारी कर दी गई नसबंदी, सास से खून की कमी और ऑपरेशन के नाम पर हस्ताक्षर कराने की बात कही
साहिबगंज। सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की कथित तौर पर बिना जानकारी और सहमति के नसबंदी किए जाने का मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के शोभनपुर भट्ठा निवासी शुभम कुमार यादव की पत्नी मीनाक्षी देवी ने आरोप लगाया है कि 23 अगस्त को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती होने के बाद ऑपरेशन के दौरान उनकी इच्छा और स्वीकृति के बिना नसबंदी कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित चिकित्सकीय कर्मियों के प्रति आक्रोश है। मामले को लेकर जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मीनाक्षी देवी के अनुसार वह अपने दूसरे बच्चे के प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंची थीं। वह दो बच्चियों की मां हैं। उनका कहना है कि परिवार भविष्य में संतान की इच्छा रखता था और वह भी अपने परिवार एवं बुढ़ापे के सहारे को लेकर आगे संतान चाहती थीं। लेकिन आरोप है कि प्रसव के दौरान उनकी जानकारी और स्पष्ट सहमति के बिना नसबंदी कर दी गई। इससे उनके भविष्य की संतान संबंधी योजना प्रभावित हो गई।
खून की कमी बताकर सास से कराया गया हस्ताक्षर, नसबंदी की जानकारी नहीं होने का आरोप:

मीनाक्षी देवी ने बताया कि प्रसव के दौरान उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। उस समय उनके पति भी उनके साथ नहीं थे। वहीं उनकी सास ललिता देवी भी अस्पताल में मौजूद थीं। परिजनों का आरोप है कि सास को खून की कमी और ऑपरेशन की जरूरत बताते हुए कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि हस्ताक्षर नसबंदी से संबंधित प्रक्रिया के लिए लिए जा रहे हैं।
मीनाक्षी देवी का कहना है कि उन्हें भी नसबंदी के संबंध में पहले से स्पष्ट जानकारी या सहमति नहीं दी गई। ऑपरेशन के बाद जब उन्हें नसबंदी किए जाने की जानकारी मिली तो परिजनों ने आपत्ति जताई। मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा गया और परिजनों ने कार्रवाई की मांग की। पीड़िता के अनुसार, नसबंदी की प्रक्रिया के दौरान एएनएम चंद्रकला, पुष्पा भारती, पिंकी सहित अन्य स्टाफ की मौजूदगी थी। पीड़िता का आरोप है कि बाद में एएनएम चंद्रकला ने स्टाफ पुष्पा भारती से बच्चेदानी में खराबी आने की बात कहने को कहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी महिला की सहमति के बिना इस तरह की स्थायी चिकित्सकीय प्रक्रिया की जाती है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो।
सास ललिता देवी ने कहा- बिना सहमति ऐसी कार्रवाई गंभीर मामला:
मीनाक्षी देवी की सास ललिता देवी ने भी प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी बहू की सहमति के बिना नसबंदी की गई है तो यह गंभीर और आपत्तिजनक मामला है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला और परिवार के साथ इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला परिषद उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भेजा पत्र:
मामले को लेकर जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्राचार कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। उन्होंने संबंधित चिकित्सक, नर्स एवं अन्य जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले उन्होंने इस मामले को जिला परिषद की बोर्ड बैठक में भी उठाया था। डीडीसी एवं सिविल सर्जन से भी जांच प्रतिवेदन की मांग की गई थी।
कमिटी गठित, जल्द सौंप दी जाएगी रिपोर्ट: डीएस
इधर, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। सिविल सर्जन कार्यालय से इस संबंध में जांच के निर्देश वाला पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी और रिपोर्ट बंद लिफाफे में सिविल सर्जन कार्यालय को सौंपी जाएगी। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नसबंदी की प्रक्रिया किन परिस्थितियों में और किसकी अनुमति अथवा सहमति से की गई थी।



