केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने खनन कानून के विरोध पर झारखंड सरकार को घेरा. उन्होंने अवैध खनन और कोयला चोरी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. जानें क्या है पूरा मामला.
रांची. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि केंद्र सरकार के संशोधित खान एवं खनिज कानून का विरोध करने के पीछे झारखंड सरकार और उसके सहयोगी दलों की मंशा पर शक है. उन्होंने कहा कि इस विरोध के पीछे उनकी मंशा पर संदेह है. उन्होंने आरोप लगाया कि कानून में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के प्रावधानों का विरोध करने से अवैध खनन और कोयला चोरी करने वालों को फायदा पहुंच सकता है.
भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों से खान एवं खनिज कानून में संशोधन पारित हो चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का मकसद देशभर में खनन व्यवस्था में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है. इसके बावजूद झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद इसका विरोध कर रहे हैं.
अलग-अलग टैक्स से उद्योगों पर असर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खनिजों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह के टैक्स और शुल्क लगाए जाते हैं. इससे खनन क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों के लिए नियम पेचीदा हो जाते हैं.
केंद्र सरकार संशोधन के ज़रिए खनिज क्षेत्र से जुड़े टैक्स और शुल्क की व्यवस्था में स्पष्टता और एकरूपता लाना चाहती है. उन्होंने दावा किया कि झारखंड में खनिजों पर ज़्यादा टैक्स और शुल्क के कारण राज्य में लगे कई उद्योगों को दूसरे राज्यों से खनिज खरीदना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से भरपूर झारखंड में स्थानीय स्तर पर उद्योगों को खनिज मिलना चाहिए, ताकि इन्वेस्टमेंट बढ़े और रोज़गार के मौके पैदा हों.
अवैध खनन को लेकर झामुमो पर निशाना
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि नए कानून से लालफीताशाही कम होगी और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का विरोध ऐसी व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश है, जिससे अवैध खनन और अवैध कारोबार करने वालों को फ़ायदा मिलता रहे.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मकसद खनिज संपदा का बेहतर इस्तेमाल करते हुए उद्योग और रोज़गार को बढ़ावा देना है. नियम साफ होने से निवेशकों को आसानी होगी और राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक मामले में, झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच इलाके में बड़े पैमाने पर हुए अवैध अभ्रक खनन के कारण कई छोटे तालाब सूख गए और स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई. इसके साथ ही, अवैध खनन से सरकार को लाखों रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है.
खनन कानून के विरोध पर मंत्री अन्नपूर्णा देवी का हमला, बोलीं- झारखंड में बढ़ रहा अवैध कारोबार
Leave a comment



