औरंगाबाद जिले में भूमिहीन परिवारों को ‘अभियान बसेरा’ के तहत वासभूमि प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लाभार्थी अब पटना जाने की बजाय अपने अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।
औरंगाबाद। जिले के भूमिहीन परिवारों के लिए राहत की खबर है। अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू है। इसके लिए लाभुकों को पटना का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
वासभूमि से संबंधित आवेदन अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही जमा करना है। पात्रता की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार वासभूमि उपलब्ध कराते हुए बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से संचालित अभियान बसेरा का उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराना है, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है।
अभियान के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला प्रशासन ने पात्र परिवारों से अपील की है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए अपने संबंधित अंचल कार्यालय में संपर्क कर आवेदन जमा करें।
पटना ले जाने वालों पर रहेगी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान बसेरा के तहत आवेदन या जानकारी के लिए पटना स्थित राज्य मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है।
यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था पात्र परिवारों को दिग्भ्रमित कर या गलत जानकारी देकर जिले से पटना ले जाने का प्रयास करता है तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर पात्र परिवार तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन के अनुसार अभियान का उद्देश्य जिले के सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का लाभ दिलाना है। कोई पात्र परिवार अपने अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए संबंधित अंचल कार्यालयों में आवश्यक प्रक्रिया के तहत आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से दलालों या बिचौलियों के झांसे में आने के बजाय सीधे अपने अंचल कार्यालय से जानकारी लेने की अपील की है।



