झारखंड..) झारखंड के पारंपरिक खानपान का जिक्र आए और उसमें धुस्का की बात न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। बताते चलें कि इसे सिर्फ झारखंड में ही नहीं, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल में भी बड़े चाव से खाया जाता है। धुस्का चावल और दाल के मिश्रण से बनता है, जिसे आमतौर पर घुघनी, टमाटर या हरी चटनी के साथ खाया जाता है।
झारखंड की पारंपरिक धुस्का रेसिपी
अंदर से एकदम मुलायम और बाहर से कुरकुरे स्वाद वाला धुस्का सुबह-शाम के नाश्ते में शामिल किया जा सकता है, आइए जानते इसकी स्पेशल रेसिपी:
सामग्री
- 1 कप भीगे हुए चावल
- 1/2 कप भीगी हुई चना दाल
- 1/4 कप भीगी हुई उड़द दाल
- 4 बारीक कटी हरी मिर्च
- 3/4 इंच बारीक कटी या कद्दूकस अदरक
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- 1 चुटकी हींग
- 1/4 छोटा चम्मच हल्दी
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- तलने के जरूरत अनुसार तेल
- स्वादानुसार नमक
विधि
- धुस्का बनाने के लिए चावल और दाल दोनों को अलग-अलग धोकर बनाने से कम से कम 4-5 घंटे पहले ही भिगोकर रख दें।
- इसके बाद चावल का पानी निकालकर उसे मिक्सी में डालकर पीस लेना है।
- अब चावल के मिश्रण को अलग बर्तन में निकालें और दाल का पानी निकालकर मिक्सी में डालें।
- दाल के साथ हरी मिर्च, 3/4 इंच अदरक का टुकड़ा भी डालें और थोड़ा सा पानी मिलाकर पीस लें।
- एक बड़े कटोरे में चावल और दाल को एक साथ डालें।
- फिर उसमें 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1/4 छोटा चम्मच हल्दी और 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया भी मिलाएं।
- सारे मसाले चावल और दाल के मिश्रण में अच्छे से मिक्स करें, अगर बैटर गाढ़ा लगे तो उसमें थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं।
- चावल-दाल के इस बैटर को कम से कम 2-3 मिनट तक फेंट लेना है।
- इसके बाद एक कड़ाही को गैस पर रखें और तलने के लिए जरूरत अनुसार तेल डालकर गर्म करें।
- जब तेल गर्म हो जाए, तब चमचे में बैटर भरकर तेल में डालें।
- इसे दोनों तरफ से हल्का सुनहरा और ब्राउन हो जाने तक फ्राई करना है।
- इस तरह झारखंड का पारंपरिक नाश्ता धुस्का तैयार है, इसे आलू की सब्जी या फिर धनिये-पुदीने और टमाटर की चटनी के साथ सुबह के नाश्ते में परोसें।



