• About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Atal Bharat  News
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
  • 🔥
  • झारखंड
  • साहिबगंज
  • बिहार
  • रांची
  • देश और दुनिया
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • दिल्ली
  • Uncategorized
  • पटना
Atal Bharat  NewsAtal Bharat  News
Font ResizerAa
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Search
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.
Atal Bharat News > बिहार > पटना में बाढ़ का पानी घटने के बाद प्रशासन अलर्ट, फसल क्षति और खराब हुई सड़कों का आकलन शुरू

पटना में बाढ़ का पानी घटने के बाद प्रशासन अलर्ट, फसल क्षति और खराब हुई सड़कों का आकलन शुरू

Priyanka Kumari
Last updated: 2026/09/17 at 11:55 AM
Priyanka Kumari
Share
SHARE

पटना। बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है। कई जगह पर यह खतरे के निशान से नीचे तक आ गया, लेकिन संकट अब सामने है। गंगा, पुनपुन, दरधा और सोन के जलस्तर में कमी के साथ राहत शिविरों से लोगों की घर वापसी शुरू हो गई है। अधिसंख्य शिविर बंद किए जा चुके हैं लेकिन घर लौट रहे परिवारों के सामने अब अलग तरह की मुश्किलें हैं। 

Contents
क्षतिग्रस्त सड़कों की बनेगी सूची, फिर होगी मरम्मतफसल बर्बाद, अब होगा वास्तिवक नुकसान का आकलनबाढ़ के बाद की 10 बड़ी चुनौतियां

घरों में घुसे पानी ने जो तबाही मचाई थी, उसके निशान अब भी हैं। घर व मवेशियों के रहने की जगह तहस-नहस है। चारा व खाद्यान्न खराब हो चुके हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जलजमाव वाले इलाकों में मिट्टी-बालू, कीचड़ व गंदगी का अंबार है। कुल मिलाकर नदियों का पानी भले उतर गया लेकिन बाढ़ की मार जो दर्द दे गई है, वह जस का तस है।  इस वर्ष गंगा ने गांधी घाट पर बाढ़ के उच्चतम जलस्तर का नया रिकार्ड बनाया है। लंबे समय तक गंगा व पुनपुन का पाली उच्चतम बाढ़ स्तर के आसपास या खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका ज्यादा बताई जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्यों का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। अब राहत शिविर नहीं, घर-गांव संभालने की चुनौती

पानी घटने के बाद प्रभावित परिवार घर लौटने लगे हैं लेकिन कई परिवारों के लिए घर वापसी राहत से ज्यादा पुनर्व्यवस्था की शुरुआत है। घरों में जमा कीचड़, बालू और गंदगी निकालनी पड़ रही है। बाढ़ में खराब हुए अनाज, कपड़े और घरेलू सामान को हटाना, मवेशियों के लिए सुरक्षित जगह और चारे की व्यवस्था बड़ी चुनौती है। 

जहां जलजमाव रहा है, वहां सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित बस्तियों में सफाई, आवागमन बहाल करने और जरूरी सेवाओं को सामान्य करने की है। 

अब प्रशासन को गांव-गांव जाकर यह देखना होगा कि पानी उतरने के बाद किसी परिवार की मुश्किल राहत व्यवस्था खत्म होने बाद बढ़ तो नहीं गई है।

क्षतिग्रस्त सड़कों की बनेगी सूची, फिर होगी मरम्मत

बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त सड़कों और संपर्क मार्गों को चिह्नित करने का काम शुरू हो रहा है। पानी पूरी तरह उतरने के बाद क्षति का आकलन कर मरम्मत कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राहत शिविरों से लौटे परिवारों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और पंचायत स्तर की सेवाओं तक फिर पहुंच बनानी है। 

इसके अलावा नदियों के जलस्तर में लगातार कमी के बावजूद प्रशासन संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बनाए हुए है। नदी का पानी घटने के दौरान तटबंधों, सड़कों और कमजोर स्थानों की स्थिति भी जांची जा रही है।

फसल बर्बाद, अब होगा वास्तिवक नुकसान का आकलन

बाढ़ का पानी खेतों में लंबे समय तक रहने से खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों से पानी उतरने के बाद फसल क्षति का आकलन बड़ी चुनौती होगी। इसके बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता और अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे और वास्तविक क्षति का आकलन कर रहे हैं।

बाढ़ के बाद की 10 बड़ी चुनौतियां

संवेदनशील स्थानों पर निगरानी जारी रखना ताकि अचानक बढ़ाव या कटाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके।

पानी उतरने के बाद घरों-गलियों में जमा गंदगी की सफाई सबसे बड़ी चुनौती है।

जलजमाव वाले इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य निगरानी जरूरी।

कहां सड़क धंसी, कहां कटाव हुआ और कहां संपर्क टूट गया, इसका सर्वे कर आवागमन बहाल करना होगा।

बाढ़ में चारा और पशु रखने की जगह खराब होने से लौटे परिवारों के सामने पशुधन बचाने की चुनौती है।

खेतों से पानी उतरने के बाद वास्तविक फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों तक सहायता पहुंचानी होगी।

कई परिवारों की जमा खाद्य सामग्री, कपड़े और जरूरी सामान पानी में खराब हुआ है। घर बसाने के लिए तत्काल जरूरतों की पूर्ति जरूरी होगी।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चापाकल और स्थानीय जलस्रोत प्रभावित हुए हों तो उनकी सफाई व सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करनी होगी।

पानी उतरने के बाद तटबंध, रिंग बांध, पुलिया और नदी किनारे के कमजोर हिस्सों की जांच कर जरूरी मरम्मत करनी होगी।

राहत शिविर बंद होने के बाद यह सुनिश्चित करना होगा कि लौटे परिवारों के पास रहने, खाने और जरूरी सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो। नदियों का पानी उतरने के साथ अब प्रभावित क्षेत्रों की सफाई, इंसानों व मवेशियों को होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम, सुगम यातायात के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलियों की मरम्मत, पशु चारा, फसल क्षति, अनुग्रह राशि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिविर से घर वापस जाने वालों की निगरानी की जा रही है ताकि विषय परिस्थितियों का तत्काल समाधान किया जा सके। -डीपी शाही, एडीएम आपदा

Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article विश्वकर्मा पूजा पर सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का महासंयोग, पंडित जी ने बताया औजारों की पूजा का शुभ मुहूर्त
Next Article थाईलैंड के चक्रवाती घेरे का असर, झारखंड में फिर बदलेगा मौसम; गरज के साथ बारिश का अलर्ट
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

एंबुलेंस कर्मचारी संघ की बैठक में नई जिला कार्यकारिणी गठित, रोहित रंजन बने अध्यक्ष
November 2, 2026
सकरीगली रैक साइडिंग पर मजदूरों की परेशानी बढ़ी, सुविधाओं और मजदूरी को लेकर उठाई आवाज
November 2, 2026
रांगा थाना प्रभारी के नेतृत्व में वाहन जांच अभियान, बिना कागजात और हेलमेट वालों पर कार्रवाई
November 2, 2026
फसल बीमा के अस्वीकृत आवेदनों की होगी जांच
November 2, 2026

You Might Also Like

पटनाबिहार

लालू से मिलने पहुंचीं सोनिया तो फिर याद आई पुरानी ‘केमिस्ट्री’, आखिर तीन दशक से क्यों कायम है दोनों का भरोसा

By AMRIT RAJ
जमुईबिहार

1 नंबर से चूकी थीं UPSC, अब पहले ही प्रयास में BPSC फतह कर स्टेट असिस्टेंट कमिश्नर बनीं बिहार की निकिता

By AMRIT RAJ
बिहार

दीपावली-छठ पर ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए मारामारी; दिल्ली, मुंबई और बिहार की ट्रेनों में लंबी वेटिंग

By AMRIT RAJ
बिहार

मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत पर बवाल, डॉक्टरों पर लापरवाही और मारपीट का आरोप

By AMRIT RAJ
Atal Bharat  News

About US

AtalBharat TV is Digital Wave Media News Channel. We are guided by a clear vision, mission and the core Indian value of “Satyam Shivam Sundaram”. Amidst the threats of fakes and deep-fakes, we will strive to serve audiences across geographies with truth-based news and information.

Important Pages
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Usefull Links
  • DNPA Code
  • Submit News
  • Advertise

Contact Address

Helpline: +91-6204459521
9471359719
Email: atalbharatnews@gmail.com
Address: Sahibganj, Jharkhand, 816109.

© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?