दरभंगा । Farmer Registry for PM Kisan : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाना जरूरी है। जिले में बड़ी संख्या में पात्र किसान अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं।
समाहरणालय स्थित आंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में चार प्रखंडों के करीब 24 हजार पात्र लाभुकों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी लंबित होने का मामला सामने आया। डीएम ने 15 अक्टूबर तक सभी पात्र किसानों की आईडी बनाने का निर्देश दिया। एक सप्ताह में बनेगी पंचायतवार कार्ययोजना
PM Kisan Beneficiary Farmers : बैठक में बहादुरपुर, केवटी, सिंहवाड़ा और दरभंगा प्रखंड की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कृषि व राजस्व अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पंचायतवार कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने को कहा। प्रत्येक किसान सलाहकार अपने क्षेत्र में छूटे किसानों को चिन्हित कर उनके आवेदन जमा करवाएंगे। इससे पात्र किसानों की रजिस्ट्री पूरी करने में तेजी आएगी।
लंबित आवेदनों का होगा समयबद्ध परिमार्जन
फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े लंबित आवेदनों के परिमार्जन (संशोधन) का कार्य अंचलाधिकारी व राजस्व कर्मी समयबद्ध तरीके से करेंगे। डीएम ने कहा कि आवेदन में सुधार की प्रक्रिया लंबित रहने से आईडी जेनरेट होने में देरी नहीं होनी चाहिए। वरीय अधिकारी प्रतिदिन पंचायतवार प्रगति की समीक्षा करेंगे और स्वयं क्षेत्र में जाकर कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
23वीं किस्त मिल चुकी, अब 24वीं का इंतजार
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। इसका लाभ लगभग नौ करोड़ से अधिक पात्र किसानों को मिला था। अब योजना से जुड़े किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार है। योजना के तहत किसानों को साल में तीन किस्तों में कुल छह हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
अक्टूबर में किस्त आने की संभावना
पीएम किसान योजना की किस्तें सामान्यतः करीब चार महीने के अंतराल पर जारी होती हैं। ऐसे में 23वीं किस्त के बाद चार महीने का समय अक्टूबर में पूरा हो रहा है। इसलिए 24वीं किस्त अक्टूबर में जारी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, किस्त जारी करने की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डा. सिद्धार्थ सहित प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र किसानों की पहचान, आवेदन जमा कराने और लंबित आवेदनों के संशोधन का कार्य अभियान के रूप में पूरा करें, ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके।



