एक करोड़ का इनामी माओवादी असीम मंडल बंगाल में आत्मसमर्पण कर सकता है।
- एक करोड़ का इनामी असीम मंडल बंगाल में करेगा आत्मसमर्पण।
- उसके दस्ते के तीन सदस्य पहले ही बंगाल में कर चुके सरेंडर।
- झारखंड में अब केवल 14 वांटेड माओवादी ही शेष।
राज्य ब्यूरो, रांची। एक करोड़ का इनामी असीम मंडल तथा अन्य बचे हुआ माओवादी भी बंगाल में आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
इस माओवादी के दस्ते के तीन सदस्यों 15 लाख का इनामी रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी दस लाख की इनामी मीता उर्फ नयनतारा व एक अन्य महिला माओवादी बुलु उर्फ गौरी ने बंगाल के बांकुड़ा में ही आत्मसमर्पण कर दिया था।
इन तीनों ही माओवादियों से असीम मंडल का पता लगाने के लिए झारखंड पुलिस की एक टीम बंगाल में है। झारखंड पुलिस को सूचना मिली है कि जल्द ही असीम मंडल भी बंगाल में आत्मसमर्पण कर सकता है।
उसके दस्ते के झारखंड-बंगाल सीमा पर होने की खुफिया जानकारी मिलती रही थी। तीन सदस्यों के आत्मसमर्पण के बाद असीम मंडल का भी खेल समाप्त ही माना जा रहा है।
पूरे झारखंड में माओवादियों की अद्यतन स्थिति पर बात करें तो राज्य में अब सभी संगठनों के कुल 14 वांटेड माओवादी ही बचे हैं, जिनकी तलाश चल रही है।

बताया जा रहा है कि ये वांटेड माओवादी झारखंड छोड़ चुके हैं और पड़ोसी राज्यों में भाग चुके हैं। उन्हें यह आशंका है कि झारखंड पुलिस उन्हें खोज निकालेगी।
इन 14 वांटेड माओवादियों में भाकपा माओवादी संगठन के नौ, तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के तीन व पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के दो माओवादी शामिल हैं।
भाकपा माओवादियों में एक करोड़ का एक, 15 लाख का एक, दस लाख का तीन, पांच लाख का तीन व दो लाख का एक एक इनामी वांटेड माओवादी शामिल है।
इसी तरह टीएसपीसी में 25 लाख का एक, दस लाख का एक व एक लाख का एक इनामी माओवादी वांटेड है। पीएलएफआई में भी दो लाख का एक व एक लाख का एक इनामी माओवादी अब तक फरार है, जिसकी तलाश जारी है।



