मंडरो: पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मिर्जाचौकी में दूसरी शिक्षक-अभिभावक बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता वार्ड सदस्य दिलीप चौरसिया ने की। इस दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्कूल में मिल रही सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय की व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रखे। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील
शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में बेहतर परिणाम के लिए बच्चों का नियमित रूप से स्कूल आना बेहद जरूरी है।
अभिभावकों से बच्चों की घर पर पढ़ाई, दैनिक गतिविधियों और शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी नजर रखने को कहा गया, ताकि उनकी कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में विद्यालय में छात्र-छात्राओं को उपलब्ध सुविधाओं तथा शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की गयी। अभिभावकों ने शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने के लिए अपने विचार साझा किये।
शिक्षकों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभिभावक विद्यालय से लगातार संपर्क में रहें। इससे विद्यार्थियों की जरूरतों को समझने और उनकी प्रगति में सुधार करने में मदद मिलेगी।
शिक्षक-अभिभावक तालमेल को मजबूत करने पर जोर
बैठक का उद्देश्य स्कूल और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और घर, दोनों स्तर पर सहयोग जरूरी है।
बच्चों की उपलब्धियों और कमजोरियों की नियमित समीक्षा करने तथा पढ़ाई में पीछे रह रहे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त ध्यान देने पर भी विचार किया गया।
उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग पर जोर
विद्यालय में मौजूद संसाधनों और सुविधाओं का विद्यार्थियों के हित में अधिकतम उपयोग करने की बात कही गयी। साथ ही बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का समय-समय पर आकलन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में प्रधानाध्यापक रजनीकांत द्विवेदी के अलावा शिक्षक मंजुला मुर्मू, अजहर हुसैन, चंदन कुमार समेत बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने और उनकी पढ़ाई में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जतायी।



