साहिबगंज/बरहड़वा: बरहड़वा थाना क्षेत्र में खुद को CBI अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से करीब 1.20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। अपराधियों ने अश्लील वीडियो और एफआईआर में फंसाने का डर दिखाकर पीड़ित गौतम दास पर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।
जांच के दौरान पुलिस को ठगी की रकम से जुड़े करीब 5,000 बैंक खातों का मनी ट्रेल मिला है। इससे साइबर ठगी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका मजबूत हुई है।
एसपी ने गठित की विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सिंह ने जांच की जिम्मेदारी हेडक्वार्टर डीएसपी रविकांत साव को सौंपी। विशेष जांच टीम ने बैंक खातों के स्टेटमेंट, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों के जरिए लगातार एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई थी। बैंकिंग ट्रेल खंगालते हुए पुलिस की जांच पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर तक पहुंची।
दुर्गापुर में छापेमारी, तीन आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी और बैंकिंग इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत बास्की (28), निवासी पश्चिम वर्द्धमान, दुर्गापुर; आसित महतो, निवासी आईटीआई गोसाई टोला, थाना एनटीपीसी विधाननगर; और धीरज हारी, निवासी हुरको, दुर्गापुर विधाननगर के रूप में हुई है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
WhatsApp कॉल से शुरू हुआ था ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने गौतम दास को WhatsApp कॉल किया और खुद को CBI अधिकारी बताया। इसके बाद अश्लील वीडियो और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने का डर दिखाकर उन्हें लगातार दबाव में रखा गया।
डर और मानसिक दबाव का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करा ली। मामले में 31 अगस्त 2026 को बरहड़वा थाना कांड संख्या 218/26 दर्ज किया गया था।
पांच हजार खातों की जांच बनी बड़ी चुनौती
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठगी की रकम के करीब 5,000 बैंक खातों से जुड़े होने की है। रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किए जाने के कारण जांच टीम पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है।
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बैंकिंग लेनदेन की विस्तृत जांच से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का पता चल सकता है।
इन अधिकारियों ने की कार्रवाई
छापेमारी अभियान में बरहड़वा अंचल के पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार, बरहड़वा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार, रांगा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सत्यवान कुंभकार समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।



