रांची। झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची को स्थायी दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटना नहीं चाहिए।
उन्होंने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा है कि विशेष रूप से पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और ऐसे पात्र नागरिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज की जाए, जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इसके लिए फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र के जरिए आवेदन लिया जा रहा है।
5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस दौरान पात्र नागरिक ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
410 मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 की संख्या शून्य

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा 8 सितंबर 2026 तक प्राप्त फॉर्म-6 आवेदनों की मतदान केंद्रवार समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि झारखंड के कुल 31,892 मतदान केंद्रों में 410 केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है।
वहीं, 9,326 मतदान केंद्रों पर 1 से 5 आवेदन मिले हैं। 8,399 केंद्रों पर 6 से 10, 9,198 केंद्रों पर 11 से 20, 3,096 केंद्रों पर 21 से 30 और 1,463 केंद्रों पर 30 से अधिक फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं।
जिलेवार आंकड़ों में रांची सबसे आगे है। रांची के 217 मतदान केंद्रों पर अभी तक कोई फॉर्म-6 नहीं मिला है। इसके बाद दुमका में 38, देवघर में 35, साहिबगंज में 28, गढ़वा में 22 और गिरिडीह में 21 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां आवेदन की संख्या शून्य है।
कांके विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बूथों पर आवेदन नहीं
विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर देखें तो कांके (अ.जा.) में सबसे अधिक 133 मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 नहीं मिला है। इसके बाद हटिया में 43, भवनाथपुर में 22, मांडर (अ.ज.जा.) में 21, शिकारीपाड़ा (अ.ज.जा.) में 20 और खिजरी (अ.ज.जा.) में 19 मतदान केंद्रों पर अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं का पंजीकरण प्राथमिकता
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या पूरी करने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया जाए।
इसके लिए बीएलओ को ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान घर-घर जाकर ऐसे युवाओं और पात्र नागरिकों की पहचान करने को कहा गया है, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को ECINET के जरिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से भी अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्र में पात्र युवाओं की पहचान करने और उन्हें फॉर्म-6 भरने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई है।
निर्वाचन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस अभियान को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि 15 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि तक कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।



