देवघर में एक माह तक चला राजकीय श्रावणी मेला संपन्न हो गया है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अरघा हटा दिया गया है और अब श्रद्धालु शनिवार से बाबा का स्पर्श कर जलार्पण कर सकेंगे. आगामी भादो मेले के लिए भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
देवघर: एक माह तक चले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले का शुक्रवार को सावन पूर्णिमा के अवसर पर विधिवत समापन हो गया. मेले के समापन के साथ ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह से अरघा हटा दिया गया है और श्रद्धालुओं के लिए पूर्व की तरह स्पर्श पूजा की पौराणिक परंपरा बहाल कर दी गयी है. अब शनिवार सुबह से आम श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का स्पर्श कर जलार्पण कर सकेंगे.

विशेष पूजा-अर्चना के बाद हटाया गया अरघा
मेले के अंतिम दिन दोपहर करीब 3:30 बजे बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद अरघा हटाया गया. इसके बाद प्रशासनिक भवन में स्टेट पुरोहित पंडित श्रीनाथ मिश्र के नेतृत्व में अधिकारियों ने विधिवत संकल्प लिया. उपायुक्त (डीसी) सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीण पुष्कर और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) पीयूष सिन्हा समेत अन्य अधिकारियों ने गर्भगृह में बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की. इस दौरान दूध, दही, घी, मधु, फूल और बेलपत्र अर्पित कर मेले के सफल और सुरक्षित निष्पादन के लिए बाबा का आभार जताया गया.

भादो मेले में नहीं होगा रुद्राभिषेक
डीसी सौरभ भुवानिया ने बताया कि आगामी भादो मेले की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए भादो मेले के दौरान गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूरी तरह से बैन रहेगा. श्रद्धालु कतारबद्ध व्यवस्था के माध्यम से ही दर्शन करेंगे. इसके अलावा, ‘शीघ्र दर्शनम’ पास की व्यवस्था पहले की तरह 600 रुपये प्रति व्यक्ति के शुल्क पर जारी रहेगी. सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्थानीय पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे.

श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया प्रसाद
विशेष पूजा के बाद अधिकारियों और मंदिर कर्मियों ने तारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया. इस मौके पर नगर आयुक्त सुलोचना मीणा, एसडीएम सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार, सहायक प्रभारी संतोष कुमार, मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे.




