मोटरबोट से दियारा पहुंची प्रशासन की टीम, कटाव से घरों पर खतरा देख एसडीओ ने जारी की चेतावनी
कटाव की जद में कई घर, 1500 से 2000 लोग प्रभावित होने की आशंका, शिविरों में रहने और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अपील
साहिबगंज। संवाददाता। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने दियारा क्षेत्रों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारी तेज कर दी है। रविवार को सदर एसडीओ अमर जॉन आइंद और सदर अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने मोटरबोट के जरिए रामपुर पंचायत समेत कारगिल दियारा क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बाढ़ और गंगा कटाव की वास्तविक स्थिति को देखा।

निरीक्षण के दौरान गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता पाया गया। दियारा क्षेत्र में कटाव के कारण कई घरों पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीण विपरीत परिस्थितियों के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा कि बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में लोग किसी तरह का जोखिम न लें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
कटाव से बढ़ी चिंता, प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा:
सदर एसडीओ ने बताया कि कारगिल दियारा में करीब 1500 से 2000 लोग निवास करते हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं। ग्रामीणों से शिविरों में जाने और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की अपील की गई है। शिविरों में भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा।

दियरवासियों ने प्रशासन से स्थायी पुनर्वास की मांग:
कारगिल के दियारावासियों ने कहा कि हर वर्ष बाढ़ और कटाव के कारण घर और जमीन गंगा में समा रहे हैं। कई गांव पहले ही नदी में विलीन हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराकर स्थायी रूप से बसाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि कारगिल दियारा के सैकड़ों ग्रामीणों ने हाल में अंचलाधिकारी से मिलकर कटाव और बाढ़ की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद प्रशासन की टीम ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की स्थिति में जिला प्रशासन हरसंभव सहायता के लिए उनके साथ खड़ा रहेगा।



