सिद्धो-कान्हू सभागार में विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम, आदिवासी समाज के उत्थान पर जोर
साहिबगंज। संवाददाता। जिला मुख्यालय स्थित सिद्धो-कान्हू सभागार में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी संजय दास एवं नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा और अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की पहचान और गौरवशाली विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ना जरूरी है।
मानवाधिकार और सामाजिक उत्थान पर विशेष जोर:
विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य दुनियाभर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का सम्मान तथा सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर आदिवासी समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
प्रकृति और आदिवासी संस्कृति का गहरा संबंध:
कार्यक्रम में बताया गया कि आदिवासी समाज की संस्कृति का प्रकृति से गहरा संबंध रहा है। जंगल, जल और जमीन के संरक्षण में आदिवासी समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत में संथाल, गोंड, भील, मुंडा, उरांव और हो सहित विभिन्न आदिवासी समुदाय देश की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को समृद्ध करते हैं। बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1994 में प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के स्वदेशी लोगों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता का प्रतीक है। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने तथा युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का संदेश दिया गया। मौके पर सदर बीडीओ, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं आदिवासी समाज की महिलाएं उपस्थित रहीं।




