रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन रविवार को सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद एक अहम मोड़ पर पहुंच गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा रद्द करने की उनकी मांग मान ली है। हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र संगठनों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह सहमति बनी है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद कहा कि राज्य सरकार JPSC परीक्षा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच की सिफारिश करेगी।

JPSC-JSSC सुधार मंच के साथ हुई बातचीत
JPSC-JSSC Reforms Manch की अगुवाई में छात्र लंबे समय से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार रात सरकार ने मंच के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। इसके बाद शनिवार को सरकार ने अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ चार दौर की बातचीत की। इनमें कांग्रेस से जुड़े NSUI, झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) और आदिवासी छात्र संघ (ACS) समेत कई संगठन शामिल रहे। शनिवार की बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद रविवार दोपहर छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक और दौर की वार्ता आयोजित की गई।
तीन JPSC सदस्यों के इस्तीफे की खबर
इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि तीनों ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। हालांकि, परीक्षा विवाद और जांच को लेकर आगे की प्रक्रिया सरकार के फैसले और आधिकारिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
‘लाठी-डंडे से नहीं, संवाद से होगा समाधान’: हेमंत सोरेन
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शी तरीके से न्याय सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समस्याओं का समाधान बल प्रयोग से नहीं बल्कि संवाद के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोरेन ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की चिंताएं उनके लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं और सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ मामले को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक हस्तक्षेप से आंदोलन को दूर रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व झारखंड में लोकतांत्रिक माहौल को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि उनके आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जाए। सोरेन ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों को भी छात्रों को गुमराह करने से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल झारखंड के युवाओं को गलत सूचनाओं के जरिए गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘हथियार सीमा पर दुश्मनों के लिए हैं’
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से किया जा सकता है, न कि लाठी-डंडे और बल प्रयोग से। उन्होंने कहा कि हथियारों का इस्तेमाल सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ किया जाना चाहिए। सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
सरकार के साथ बातचीत के बाद परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति बनने का दावा करने के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी अब CBI जांच की मांग पर जोर दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की CBI से जांच कराने की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की CBI जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है और JPSC परीक्षा को लेकर आगे की आधिकारिक प्रक्रिया क्या होगी।




