एसपी के निर्देश पर टेंट, बिजली, राशन और पढ़ाई की व्यवस्था; वर्षों की परेशानी के बाद परिवार को मिली राहत
साहिबगंज। आमतौर पर पुलिस की पहचान कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़ी होती है, लेकिन साहिबगंज में पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के हबीबपुर स्थित सेंट्रल स्कूल मोहल्ले में लंबे समय से परेशान एक जरूरतमंद मां-बेटी की मदद के लिए पुलिस प्रशासन आगे आया। पुलिस ने उनके रहने के लिए टेंट, बिजली, राशन तथा बेटी की पढ़ाई के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई।

15 वर्षों से संघर्ष कर रही थी मां:
पीड़िता रूबी सिन्हा ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उनकी शादी हबीबपुर निवासी मनोज कुमार वर्मा से हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद से ही उन्हें कथित रूप से प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। न्याय की उम्मीद में उन्होंने गोड्डा न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन परिस्थितियों में स्थायी सुधार नहीं हुआ। उनकी बेटी कृति राज के साथ भी कथित दुर्व्यवहार हुआ और उसकी पढ़ाई रोकने के साथ कम उम्र में विवाह कराने का प्रयास किए जाने का आरोप है।

खाली जमीन पर मां-बेटी की जिंदगी:
परेशान होकर मां-बेटी अलग रहने को मजबूर हो गईं। पति के पैतृक इलाके में उन्हें केवल जमीन का एक टुकड़ा मिला, जहां न रहने की उचित व्यवस्था थी और न ही बिजली, पानी व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं। ऐसे हालात में दोनों किसी तरह जीवन गुजार रही थीं। मदद की उम्मीद में रूबी ने उपायुक्त के जनता दरबार में अपनी समस्या रखी। इसके बाद उन्हें पुलिस अधीक्षक से मिलने की सलाह दी गई।

एसपी के निर्देश पर शुरू हुई मदद:
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक सहायता का निर्देश दिया। पुलिस प्रशासन ने पहले शौचालय की व्यवस्था कराई और अब टेंट, बिजली, राशन तथा बेटी की पढ़ाई के लिए किताबें एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

बच्ची की पढ़ाई जारी रखना पुलिस की प्राथमिकता: एसडीपीओ
एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एसपी के निर्देश पर परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई है। बच्ची ने पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई थी, जिसे देखते हुए उसकी शिक्षा को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी उसका दायित्व है।
बेटी कृति राज ने कहा कि पुलिस की मदद से उसके जीवन में फिर उम्मीद जगी है। अब वह अपनी पढ़ाई जारी रखकर अपने सपनों को पूरा करना चाहती है। वहीं रूबी सिन्हा ने पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।
साहिबगंज पुलिस की यह पहल बताती है कि वर्दी के पीछे कानून की सख्ती के साथ संवेदनशीलता और इंसानियत भी मौजूद है।




