विद्यालय में मिड-डे मील प्रभावित, बिचौलियों पर ओटीपी लेकर सिलेंडर हड़पने का आरोप, 1800–1900 रुपये में अवैध बिक्री
उधवा। प्रखंड क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण जहां ग्रामीण परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इसका असर विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना पर भी साफ देखने को मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उधवा के विभिन्न विद्यालयों में समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे बच्चों के लिए भोजन बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। इस संबंध में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अटल बिहारी भागत ने भी खेद जताते हुए कहा कि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और पोषण पर असर न पड़े। इधर गांव और मुहल्लों में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिचौलिये गैस एजेंसी और उपभोक्ताओं के बीच सक्रिय होकर अवैध तरीके से सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिचौलिये ग्रामीण महिलाओं से ओटीपी लेकर उनके नाम पर आने वाले सिलेंडर को खुद प्राप्त कर लेते हैं और बाद में उसे ऊंचे दामों पर बेच देते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक 1800 से 1900 रुपये तक में पहुंचाया जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध है। निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक कीमत वसूल कर बिचौलिये मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ता ठगा महसूस कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि इंडेन गैस के सिलेंडर 18 से 19 सौ के बीच में उपलब्ध कराया जाता है।जिससे अधिकतर उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरन ऊंचे दामों में गैस लेने को मजबूर हो रहे है। परिणामस्वरूप लोग मजबूर होकर पुराने चूल्हे, लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधनों का सहारा लेने को विवश हो गए हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति को नियमित किया जाए और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।




