मुक्तेश्वर धाम में कार्तिक मास के चौथे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा. महिलाओं ने गंगा स्नान कर की तुलसी-शालिग्राम की पूजा-अर्चना.
साहिबगंज. कार्तिक मास के चौथे दिन मुक्तेश्वर धाम उत्तरवाहिनी गंगा सीढ़ी घाट पर श्रद्धालु महिलाओं की भीड़ उमड़ी. सनातन धर्म को मानने वाली महिलाओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना की. इसके बाद तुलसी और शालिग्राम की पूजा करते हुए कार्तिक मास की कथा सुनी.
कार्तिक पूर्णिमा पर होगा व्रत का समापन
कार्तिक मास में एक महीने तक चलने वाला गंगा स्नान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. महिलाएं प्रतिदिन सुबह गंगा स्नान कर तुलसी-शालिग्राम की पूजा और कथा श्रवण करती हैं. इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन पुरोहितों के मंत्रोच्चार के साथ धूमधाम से किया जाता है. दी गयी जानकारी के अनुसार, 27 अक्तूबर से शुरू हुआ कार्तिक स्नान और पूजा का कार्यक्रम 24 नवंबर 2026 तक चलेगा.
कई दशकों से चली आ रही है परंपरा
कार्तिक मास के अवसर पर मुक्तेश्वर धाम उत्तरवाहिनी गंगा सीढ़ी घाट पर कई दशकों से यह परंपरा चली आ रही है. महिलाएं गंगा स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्तिक मास की कथा सुनती हैं और अपने घर लौटती हैं.
दर्जनों महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
इस दौरान बीना देवी, संतोषी देवी, कल्याणी देवी, पूनम देवी, कल्पना देवी, आशा देवी और राधिका देवी सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं. सभी ने गंगा स्नान कर पूजा-पाठ किया.



