डीएमडी बीमारी से जूझ रहे मासूम के घर पहुंचे सिविल सर्जन और बीडीओ, जल्द उचित कदम उठाने का दिया आश्वासन
बोरियो। बोरियो बाजार निवासी मुन्ना रक्षित का 14 वर्षीय पुत्र जीत रक्षित पिछले सात वर्षों से ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) नामक गंभीर आनुवंशिक बीमारी से जूझ रहा है। बीमारी के कारण जीत को चलने-फिरने, लंबे समय तक बैठने और दैनिक कार्यों के लिए भी पिता का सहारा लेना पड़ता है। परिवार बेटे के बेहतर इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, डीसी को दिया निर्देश :
इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने साहिबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दुबे को मामले की जानकारी लेकर यह पता लगाने का निर्देश दिया कि बच्चा किस बीमारी से पीड़ित है और उसके इलाज के लिए किस तरह की व्यवस्था की जा सकती है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है।
घर पहुंचकर अधिकारियों ने ली जानकारी :

उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन रामदेव पासवान और बीडीओ नागेश्वर साव जीत रक्षित के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर बच्चे की बीमारी, अब तक कराए गए इलाज और परिवार की परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले में जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।
30 करोड़ रुपये के इलाज का खर्च बताया :
जीत के पिता मुन्ना रक्षित के अनुसार, वे अपने बेटे को इलाज के लिए रिम्स और एम्स सहित विभिन्न अस्पतालों में ले जा चुके हैं। उनके मुताबिक, इलाज में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होने की बात बताई गई है। इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए संभव नहीं है। ऐसे में परिवार सरकार, सक्षम लोगों और संस्थाओं से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।
डीएमडी एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें समय के साथ मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं। अब परिवार को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान और जिला प्रशासन की पहल से जीत के इलाज के लिए उचित चिकित्सा सलाह और आवश्यक सहायता का रास्ता खुलेगा।



