झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने बार काउंसिल अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद का चुनाव न लड़ने की घोषणा की है. जानिए इस फैसले के पीछे की वजह और अधिवक्ताओं के लिए उनकी सेवाएं जारी रहेंगी.
Jharkhand State Bar Council . झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने इस बार अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. शुक्ल लगातार तीसरी बार झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में निर्वाचित सदस्य बने हैं.
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के समर्थन और शुभकामनाओं से पिछले 15 वर्षों के दौरान दो कार्यकाल में उन्हें काउंसिल के निर्वाचित उपाध्यक्ष और कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान उन्होंने राज्य के अधिवक्ताओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने और उनके हितों की हर स्तर पर रक्षा करने का प्रयास किया.
नये और महिला सदस्यों को मौका देने की बात
राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि मौजूदा सत्र में काउंसिल के करीब आधे सदस्य नये निर्वाचित हुए हैं. इसके अलावा पांच महिलाएं कोटे के तहत निर्वाचित हुई हैं, जबकि दो सदस्यों को को-ऑप्शन के माध्यम से शामिल किया गया है.
उन्होंने कहा कि कई महिला और नये सदस्य भी काउंसिल में पदाधिकारी बनना चाहते हैं. उनकी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने खुद को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की होड़ से अलग रखने का निर्णय लिया है.
वरिष्ठ सदस्य के रूप में सहयोग जारी रहेगा
शुक्ल ने कहा कि काउंसिल के वरिष्ठ निर्वाचित सदस्य के रूप में वह राज्य के अधिवक्ताओं के लिए अपनी सेवाएं जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के सुख-दुख में वह सहभागी बने रहेंगे और नये निर्वाचित पदाधिकारियों को जरूरत के अनुसार मार्गदर्शन और सहयोग देते रहेंगे.



