जमशेदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय का घेराव किया।
जमशेदपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को जमशेदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन कार्यालय सह उपायुक्त (DC) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और एनएसयूआई (NSUI) के छात्र नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के जमकर नारे लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका।
प्रदर्शन के दौरान उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट को खोलकर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए परिसर के बाहर अफरातफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने से परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की लापरवाही का खामियाजा आम मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में कई लोगों के नाम और विवरण में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
कई मतदाताओं के नाम के आगे अंग्रेजी के दो-तीन अतिरिक्त अक्षर जुड़ गए हैं। इसमें आम लोगों की कोई गलती नहीं है, फिर भी आयोग द्वारा उन्हें बेवजह नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग मानसिक रूप से परेशान हैं।
बूथ बदलाव से भ्रम की स्थिति

कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची और वर्तमान मतदाता सूची के बूथ विवरण में आए अंतर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि पुराने और नए बूथों के विवरण में अंतर होने के कारण आम मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव कर्मियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पारदर्शिता और समाधान की मांग
नोटिस मिलने के बाद कई मतदाता यह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि मतदाता सूची में उनका नाम किस स्थिति में है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।
मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और भेजे जा रहे नोटिसों का त्वरित और स्पष्ट समाधान होना चाहिए, ताकि किसी भी वैध मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित न होना पड़े और न ही उसे अनावश्यक परेशानी उठानी पड़े।



