पिठोरिया की तीन बेटियों ने सीमित संसाधनों और खेल मैदान की कमी के बावजूद मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राखी, नैंसी और आयुषी का चयन झारखंड अंडर-16 फुटबॉल टीम में हुआ है. यह सफलता अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है.
पिठोरिया, रांची: सीमित संसाधनों और खेल मैदान की कमी के बावजूद पिठोरिया क्षेत्र की तीन बेटियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. स्टार वॉर्स फुटबॉल क्लब की खिलाड़ी राखी कुमारी, नैंसी मुंडा और आयुषी कुमारी का चयन झारखंड अंडर-16 फुटबॉल टीम में हुआ है. तीनों खिलाड़ी फिलहाल आंध्र प्रदेश में झारखंड टीम के साथ हैं और शुक्रवार को बिहार के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरेंगी.
खेतों में किया अभ्यास, राज्य टीम तक पहुंचीं
राखी कुमारी और नैंसी मुंडा उलातू पंचायत के चरदी गांव की रहने वाली हैं, जबकि आयुषी कुमारी कांके संग्रामपुर की निवासी हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन खिलाड़ियों ने सुविधाओं के अभाव के बावजूद फुटबॉल के प्रति अपना जुनून बनाए रखा. खेल मैदान उपलब्ध नहीं होने पर तीनों ने खेतों में अभ्यास कर अपने खेल को निखारा और लगातार मेहनत करते हुए झारखंड की टीम में जगह बनाई.
तीनों खिलाड़ियों के चयन से उनके गांवों, परिजनों और स्टार वॉर्स फुटबॉल क्लब में खुशी का माहौल है. क्लब के कई खिलाड़ियों का पूर्व में भी झारखंड टीम के लिए चयन हो चुका है और उन्होंने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए हैं.
कोच ने कहा- सपनों की कोई सीमा नहीं
स्टार वॉर्स फुटबॉल क्लब के कोच सह संस्थापक अनवर उल हक (बबलू) ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बेटियां परिस्थितियों से नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और हौसले से अपनी पहचान बना रही हैं. मैदान की कमी हो सकती है, लेकिन खिलाड़ियों के सपनों की कोई सीमा नहीं होती.
उलातू पंचायत की मुखिया सुनीति मुंडा ने भी तीनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं समाजसेवी सह झामुमो युवा नेता वैश आलम ने खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना की. उन्होंने बताया कि जुमे की नमाज में तीनों बेटियों की सफलता के लिए दुआ की.
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर झारखंड की अंडर-16 टीम तक पहुंची इन तीनों बेटियों की सफलता क्षेत्र की अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी है. खेतों में अभ्यास से शुरू हुआ इनका सफर अब झारखंड की जर्सी तक पहुंच चुका है.



