साहिबगंज में खाद्य सामग्री ढोने वाले ट्रक मालिकों ने करीब पांच माह से भाड़ा बकाया होने की शिकायत की है. डीसी दीपक दुबे ने मामले में जांच की बात कही.
बरहरवा: साहिबगंज जिले में खाद्य सामग्री की ढुलाई करने वाले ट्रक मालिकों ने करीब पांच माह से भाड़े की राशि का भुगतान लंबित होने का आरोप लगाया है. इस संबंध में ट्रक मालिकों ने जिला प्रबंधक से शिकायत कर जल्द बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग की है. शिकायत की प्रतिलिपि उपायुक्त को भी भेजी गयी है.
पांच माह से भुगतान लंबित होने का आरोप
ट्रक मालिक शहबाज हुसैन, अब्दुल रहमान, सुनील कुमार, फखरुद्दीन खान समेत अन्य ने आवेदन देकर बताया कि वे जिला मुख्यालय साहिबगंज से जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार खाद्य सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
ट्रक मालिकों का आरोप है कि इस कार्य के एवज में मिलने वाली भाड़े की राशि करीब पांच माह से लंबित है. लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण वाहन मालिकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
चालक और खलासी भी आर्थिक परेशानी में
आवेदन में कहा गया है कि भुगतान लंबित रहने का असर सिर्फ ट्रक मालिकों पर ही नहीं, बल्कि वाहन चालकों और खलासियों पर भी पड़ रहा है. नियमित भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने भी आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो रही है.
ट्रक मालिकों ने कहा कि वाहनों के संचालन से जुड़े खर्च और अन्य देनदारियों के कारण लगातार बढ़ता बकाया उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है.
गोदाम प्रबंधकों पर अतिरिक्त राशि मांगने का आरोप
शिकायत में बरहरवा गोदाम प्रबंधक मो. नसीम अख्तर और बोरियो गोदाम प्रबंधक उत्तम सिंह पर कथित रूप से परेशान करने तथा भाड़े की राशि के एवज में अतिरिक्त राशि की मांग करने का आरोप भी लगाया गया है.
आवेदन के अनुसार, ट्रक मालिकों ने जब कथित अतिरिक्त राशि की मांग का विरोध किया, तो शिकायत करने की बात कहकर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है.
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
डीसी ने जांच की बात कही
ट्रक मालिकों ने उपायुक्त और जिला प्रबंधक एफसीआई गोदाम से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बकाया भाड़े की राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की है.
उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वाहन मालिकों के साथ चालक और खलासी भी अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकेंगे.
पूरे मामले को लेकर उपायुक्त दीपक दुबे ने जांच कराने की बात कही है. अब जांच के बाद ही भुगतान में देरी और शिकायत में लगाये गये अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.



