Employees Provident Fund Organisation ने भविष्य निधि से निकासी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य अपनी पीएफ राशि का बड़ा हिस्सा निकाल सकेंगे
बोकारो। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भविष्य निधि से निकासी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ईपीएफओ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य अपने पीएफ खाते में जमा राशि का एक बड़ा हिस्सा निकाल सकेंगे।

नए प्रावधान के तहत बेरोजगारी के दौरान 75 प्रतिशत तक पात्र पीएफ राशि तत्काल निकाली जा सकती है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि एक वर्ष की बेरोजगारी पूरी होने के बाद निकाली जा सकेगी। इस तरह एक वर्ष तक बेरोजगार रहने पर सदस्य अपने पात्र ईपीएफ शेष की पूरी राशि निकाल सकता है।बोकारो के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
ईपीएफओ के इस बदलाव का असर बोकारो जैसे औद्योगिक जिले में बड़ी संख्या में कामगारों पर पड़ेगा। बोकारो में करीब सवा लाख कर्मचारी ईपीएफओ के सदस्य बताए जाते हैं। इनमें बोकारो स्टील प्लांट, बीसीसीएल तथा विभिन्न निजी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी जाने या कंपनी बंद होने जैसी परिस्थितियों में पीएफ राशि कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है। नए प्रावधान से ऐसे सदस्यों को अपने पीएफ खाते तक अपेक्षाकृत आसान पहुंच मिलेगी।
आंशिक निकासी के नियम भी हुए सरल
ईपीएफओ ने आंशिक निकासी के नियमों को भी सरल किया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग पात्रता और सेवा अवधि के प्रावधान थे। अब कई श्रेणियों में न्यूनतम सेवा अवधि 12 माह निर्धारित की गई है। इसके अलावा, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान तथा उस पर मिले ब्याज को पात्र राशि में शामिल किया गया है।
हालांकि, सामान्य आंशिक निकासी में सदस्य के खाते की 25 प्रतिशत राशि न्यूनतम शेष के रूप में बनाए रखने का प्रावधान है, ताकि सेवानिवृत्ति के लिए भी कुछ धन सुरक्षित रहे।
बेरोजगारी में ही निकाल सकते 100 राशि
ईपीएफओ के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य जरूरत के समय सदस्यों को अपने भविष्य निधि का उपयोग करने में अधिक सुविधा देना और साथ ही सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त राशि सुरक्षित रखना है।
बोकारो के हजारों औद्योगिक कर्मचारियों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिले में संगठित क्षेत्र के रोजगार में पीएफ एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है।
हालांकि, 100 प्रतिशत राशि निकालने का प्रावधान बेरोजगारी की अवधि से जुड़ा है; केवल 12 माह की नौकरी पूरी होने पर पूरी पीएफ राशि निकालने का नियम नहीं है।



