मुजफ्फरपुर में 30 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है, जिससे कई इलाकों में जलजमाव और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। पेड़ गिरने से रास्ते भी बाधित हुए।
मुजफ्फरपुर। भादो की विदाई से पहले आसमान ने सावन का रंग दिखा दिया है। जिले में 30 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हुए। बिजली तारों पर पेड़ों की डालियां गिरने से कई इलाकों में घंटों आपूर्ति भी बाधित रही। लगातार बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सड़क से गली तक जलजमाव
बुधवार रात करीब आठ बजे से शुरू हुई बारिश गुरुवार देर रात तक जारी रही। स्टेशन रोड, आमगोला, अखाड़ाघाट, बालूघाट समेत कई इलाकों में जलजमाव हो गया।
निचले मोहल्लों की गलियों में भी पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। स्कूलों में पठन-पाठन और सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर भी इसका असर पड़ा। बारिश से धान की फसल को फायदा पहुंचा है।
पानी टंकी चौक पर गिरा पेड़
गुरुवार देर शाम पानी टंकी चौक पर विशालकाय पेड़ गिर गया। पेड़ के ठीक नीचे नाश्ते का ठेला और पान मसाले की दुकान थी। उस समय दुकानदार और काफी संख्या में ग्राहक मौजूद थे। पेड़ गिरते ही वहां अफरातफरी मच गई। सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा।
डालियां गिरीं, बिजली आपूर्ति ठप
लगातार बारिश के बीच कई जगह हरे पेड़ों की डालियां बिजली तारों से टकरा गईं। इससे दर्जनों पिन इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हुए और चंदवारा से एमआइटी इलाके तक घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। चंदवारा में सुबह से शाम तक बिजली बंद रहने से उपभोक्ता परेशान रहे।
गुलमोहर के पेड़ में लगी आग
देर शाम पानी टंकी के पास सैकड़ों वर्ष पुराने गुलमोहर का पेड़ 33 केवी लाइन के संपर्क में आ गया। इससे पेड़ धू-धूकर जलने लगा। चिंगारी और आग देखकर आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई।
पुरवा से ठंड का एहसास
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.5 और न्यूनतम 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। करीब 11 किलोमीटर की गति से पुरवा हवा चली। पिछले 24 घंटे में 39.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई



