40वीं क्षेत्रीय खान बचाव प्रतियोगिता 2026 का भुरकुंडा में भव्य शुभारंभ हुआ. 13 टीमें बचाव की दक्षता परखेंगी. जानें प्रतियोगिता का उद्देश्य और मुख्य स्पर्धाएं.
भुरकुंडा(रामगढ़). सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र के भुरकुंडा बासगढ़ा माइंस में मंगलवार को 40वीं चार दिवसीय क्षेत्रीय खान बचाव प्रतियोगिता 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ. रांची मुख्यालय से आए अधिकारियों ने झंडोत्तोलन कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. बैंड धुन के बीच 13 टीमों के जवानों ने कदम से कदम मिलाकर शानदार मार्च पास्ट किया तो पूरा परिसर देशभक्ति और जोश से गूंज उठा.
सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से जुटीं टीमें
इस प्रतियोगिता में बीएंडके, कथारा, ढोरी, बोकारो-करगली, रामगढ़, राजरप्पा, अरगड्डा, पिपरवार और मेजबान बरका-सयाल सहित सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों की 13 रेस्क्यू टीमें हिस्सा ले रही हैं.
प्रतियोगिता का उद्देश्य: आपात परिस्थितियों में तत्परता की परख
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य खदान में आकस्मिक दुर्घटना, गैस रिसाव या आग लगने जैसी विषम परिस्थितियों के दौरान रेस्क्यू टीम की तत्परता, तकनीकी दक्षता और जान-माल बचाने की क्षमता को परखना है. मौके पर अधिकारियों ने कहा कि खान बचाव दल कोल इंडिया की रीढ़ हैं. ये जवान अपनी जान जोखिम में डालकर खदान के अंदर फंसे मजदूरों को बचाते हैं. यह प्रतियोगिता उनके समन्वय, फिटनेस और उपकरण संचालन की परीक्षा है.दो दिनों तक होंगी कड़ी स्पर्धाएं
बासगढ़ा माइंस में दो दिनों तक रेस्क्यू रिले रेस, फर्स्ट एड, गैस जांच, कृत्रिम श्वसन और आधुनिक बचाव उपकरणों के संचालन जैसी कड़ी स्पर्धाएं होंगी. अंतिम दिन विजेता टीम को सम्मानित किया जाएगा, जो अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता में सीसीएल का प्रतिनिधित्व करेगी.
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे उपस्थित
मौके पर उपनिदेशक खान सुरक्षा (खनन), कोडरमा आरएस पाटिल, उपनिदेशक खान सुरक्षा (विद्युत) रांची, मलय कुमार जेन, उपनिदेशक खान सुरक्षा (विद्युत) रांची, अरविंद कुमार, उपनिदेशक खान सुरक्षा (खनन), चाईबासा, मिथिलेश कुमार, पीओ कुमार राकेश सत्यर्थी, विकास कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.



