Bihar Vaishya Community News: बेतिया में कलवार विकास समिति के कार्यक्रम में मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने समाज को लोकतंत्र में अपनी उचित हिस्सेदारी के लिए संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने वैश्य और कलवार समाज के अधिकारों की रक्षा में एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Kalwar Vikas Samiti Bettiah: लोकतंत्र में अपनी उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरे समाज का संगठित होना बेहद जरूरी है।
एनडीए की सरकार वैश्य और कलवार समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा तत्परता से खड़ी है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने रविवार को बेतिया के ऑडिटोरियम में यह बात कही।
वे कलवार विकास समिति की ओर से आयोजित भगवान बलभद्र एवं भगवान सहस्रार्जुन पूजनोत्सव सह स्वजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें उच्च संस्कारों को अपनाने के साथ-साथ अपनी समृद्ध विरासत को भी सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
समारोह को संबोधित करते हुए पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी और बिहार की राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चनपटिया के विधायक अभिषेक रंजन ने समाज की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कलवार समाज की एकता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्तम संस्कार, समाज सेवा और अपनी सामाजिक भागीदारी को और अधिक मजबूत करने का पुरजोर आह्वान किया।
इस सम्मेलन को पडरौना के विधायक मनीष जायसवाल, विधायक विशाल शाह, पवन जायसवाल, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और रामा देवी ने भी संबोधित किया। इसके अलावा समाजसेवी डॉ. सुशील प्रसाद चौधरी, डॉ. अमिताभ चौधरी सहित समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
समारोह का शुभारंभ भक्ति भाव से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई। बच्चों ने गीत, नृत्य और देशभक्ति के शानदार कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्मृति चिह्न देकर उनके योगदान की सराहना की गई।



