बिहार में जीउतिया व्रत की छुट्टी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि शिक्षा विभाग ने 5 अक्टूबर को छुट्टी तय की है जबकि व्रत 3 अक्टूबर को है। महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री से अपील की है कि छुट्टी की तारीख बदलकर 3 अक्टूबर की जाए ताकि उन्हें व्रत रखने में परेशानी न हो।
पटना। बिहार में जीउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत की छुट्टी को लेकर नया विवाद सामने आया है। शिक्षा विभाग के कैलेंडर में इस पर्व की छुट्टी 5 अक्टूबर को तय की गई है, जबकि इस साल जीउतिया पर्व 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
तारीखों के इस अंतर को लेकर महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि व्रत के दिन ही अवकाश मिलना व्यावहारिक रूप से जरूरी है।
व्रत वाले दिन स्कूल पहुंचना होगा मुश्किल
महिला शिक्षिकाओं के अनुसार जीउतिया उनके लिए महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
पर्व से जुड़ी तैयारियां भी पहले से शुरू हो जाती हैं। ऐसे में 3 अक्टूबर को स्कूल में ड्यूटी और व्रत दोनों एक साथ निभाना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। शिक्षिकाओं का कहना है कि छुट्टी पर्व की वास्तविक तारीख पर ही होनी चाहिए।
5 अक्टूबर की छुट्टी को लेकर उठे सवाल
शिक्षिकाओं ने सवाल उठाया है कि जब पर्व 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा, तो 5 अक्टूबर को अवकाश देने का उद्देश्य क्या होगा।
उनके मुताबिक पर्व बीत जाने के बाद मिलने वाली छुट्टी से व्रत रखने वाली महिला शिक्षिकाओं की समस्या दूर नहीं होगी। इसी वजह से शिक्षा विभाग के कैलेंडर में निर्धारित तारीख की समीक्षा की मांग की जा रही है।
शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की अपील
महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनकी मांग है कि शिक्षा विभाग कैलेंडर में आवश्यक संशोधन करते हुए 5 अक्टूबर के स्थान पर 3 अक्टूबर को जीउतिया की छुट्टी घोषित करे।
उनका कहना है कि समय रहते फैसला होने से स्कूलों और शिक्षकों के बीच अंतिम समय में किसी तरह का भ्रम भी नहीं रहेगा।
अब विभाग के फैसले पर नजर
फिलहाल महिला शिक्षिकाओं की मांग पर शिक्षा विभाग की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार है। यदि अवकाश की तारीख में बदलाव किया जाता है तो इससे व्रत रखने वाली शिक्षिकाओं को सीधे राहत मिल सकती है।
वहीं, विभाग के मौजूदा कैलेंडर के अनुसार छुट्टी 5 अक्टूबर को ही निर्धारित है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि शिक्षा विभाग और सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं।



