लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने गिरिडीह नगर परिषद के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
रांची। लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने गिरिडीह नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की है। उन्होंने कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तीन माह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा है।
पूरा मामला विवादित जमीन पर नियम विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने से जुड़ा है। लोकायुक्त के आदेश पर जांच में पुष्टि के बाद यह अनुशंसा की गई है।
राजीव कुमार मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने सुमन देवी, उर्मिला देवी व शकुंतला देवी को नियम विरुद्ध जाकर प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दे दी थी।
उक्त तीनों प्रधानमंत्री आवास गिरिडीह नगर परिषद के वार्ड नंबर 16 स्थित चिरैयाघाट के खाता नंबर पांच के प्लाट नंबर 119 एवं खाता नंबर 36 के प्लाट नंबर 135 में है। लोकायुक्त के आदेश पर नगर विकास विभाग ने पूरे मामले की जांच कराई।
जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में यह स्पष्ट उल्लेख है कि भूमि पर किसी प्रकार का कानूनी विवाद होने पर यह योजना लागू नहीं होगा।
लाभुक सुमन देवी व उर्मिला देवी के प्रधानमंत्री योजना के लिए समर्पित आवेदन पत्र पर नगर परिषद गिरिडीह के कर्मचारी ने यह अंकित किया है कि प्रश्नगत भूमि विवादास्पद है एवं मामला न्यायालय में लंबित है, लेकिन उक्त टिप्पणी को दरकिनार कर आवेदक के पक्ष में योजना की स्वीकृति दी गई थी। अपने स्पष्टीकरण में कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा ने आरोपों को झूठा बताया था।
वर्ष 2017 में लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज हुई थी शिकायत
वर्ष 2017 में 22 अगस्त को गिरिडीह के चिरैयाघाट रोड बरमसिया निवासी अनिल चौहान ने लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि वे अपनी रैयती पुश्तैनी जमीन पर मकान बनाकर रहते आ रहे हैं।
उनके बगल में सुमन देवी, उर्मिला देवी व इंदिरा देवी उनकी गली की जमीन पर रिश्वत देकर नगर परिषद गिरिडीह से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कराकर बना लिए हैं।
इस जमीन के मामले में उन्होंने सिविल कोर्ट में मुकदमा भी किया है। उन्होंने इसकी जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी राजीव मिश्रा को भी दी थी, लेकिन उन्होंने रिश्वत लेने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की।
एक अन्य मामला सीता देवी व उनकी पतोहू शकुंतला देवी से संबंधित था, जिनके पास पक्का मकान व डेयरी फार्म था। शकुंतला देवी ने उन सभी बातों को छुपाकर राजीव कुमार मिश्रा से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करवा ली थी।



