रांचीः झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है. विज्ञापन संख्या 13/2023 के तहत सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति से जुड़े आदित्य कुमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने 43 सीटों को याचिकाकर्ताओं के हित में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. मामले में अब अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी और उस दिन कोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा.
अधिवक्ता शुभम मिश्रा की दलील
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने ईटीवी भारत को बताया कि उन्होंने कोर्ट के सामने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण बिंदु रखा. उन्होंने कहा कि सभी याचिकाकर्ताओं ने अपनी-अपनी संबंधित श्रेणी में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए हैं. इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में उचित अवसर नहीं मिल पाया. अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पारा और नन-पारा, दोनों श्रेणियों में सीटें खाली हैं. इसके बावजूद अधिक अंक प्राप्त करने वाले याचिकाकर्ताओं के दावों पर समुचित तरीके से विचार नहीं किया गया. याचिकाकर्ताओं की ओर से इसी आधार पर उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में राहत देने की मांग की गई.
JSSC की ओर से नहीं हो पाया जवाब दाखिल
इस मामले में इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था. लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद आयोग की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका.
30 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के हित में 43 सीटों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, साथ ही मामले को 30 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है. सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़ा यह मामला अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं का दावा है कि संबंधित श्रेणी में अधिक अंक होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति का अवसर नहीं मिला और दूसरी ओर कुछ सीटें रिक्त भी हैं.



