रांची नगर निगम ने खादगढ़ा बस स्टैंड की बंदोबस्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के बाद निविदा स्थगित कर दी है। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
कांटाटोली खादगढ़ा बस स्टैंड की बंदोबस्ती को लेकर उठे सवालों के बाद रांची नगर निगम ने निविदा प्रक्रिया स्थगित कर दी है। नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी निविदा प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगी।
साथ ही, टेंडर का संचालन करने वाली एजेंसी एमएसटीसी से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच प्रतिवेदन और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होने तक बस स्टैंड की विभागीय वसूली करने का निर्देश दिया गया है।
पांच अधिकारियों की कमेटी गठित
जांच कमेटी में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार, सहायक नगर आयुक्त निहारिका तिर्की, सहायक नगर आयुक्त मुकेश रंजन और प्रोग्रामर राजेश कुमार को शामिल किया गया है। कमेटी को खादगढ़ा बस स्टैंड की पूरी निविदा प्रक्रिया की जांच कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन मंतव्य के साथ सौंपने का निर्देश दिया गया है।
7.50 करोड़ की बोली के बाद रद हुई थी पहली निविदा
खादगढ़ा बस स्टैंड की बंदोबस्ती प्रक्रिया को लेकर निगम प्रशासन पर पहले से सवाल उठ रहे थे। आठ अगस्त को हुई पहली निविदा में बोली 7.50 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आयी थी। इसके बाद निविदा रद्द कर दी गयी।
वहीं, दूसरी बार हुई प्रक्रिया में करीब 3.20 करोड़ रुपये में ही बंदोबस्ती किये जाने की बात सामने आयी। दोनों निविदाओं में राशि के इस बड़े अंतर को लेकर सवाल उठे थे।
मेयर ने मांगी थी जांच
पहली निविदा रद्द होने और दूसरी प्रक्रिया में कम राशि में बंदोबस्ती की बात सामने आने के बाद मेयर रोशनी खलखो ने नगर निगम प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद निगम ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच का निर्णय लिया है।
दैनिक जागरण ने लगातार उठाया था मामला
खादगढ़ा बस स्टैंड की निविदा प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी और पहली व दूसरी बंदोबस्ती की राशि में बड़े अंतर को लेकर दैनिक जागरण ने लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। खबरों के माध्यम से निविदा प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को प्रमुखता से सामने लाया गया था।



