खलारी की रोहिणी खदान में ब्लास्टिंग के दौरान एक पत्थर संतोष मेहता के घर के बाहर गिरा, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने खदान का काम रोक दिया।
सीसीएल एनके एरिया की रोहिणी परियोजना में बुधवार को ब्लास्टिंग के दौरान छिटका पत्थर संतोष मेहता के घर के बाहर आकर गिरा। पत्थर की चपेट में आने से लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए खदान का काम बंद करा दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि रोहिणी खदान में नया पैच शुरू किया गया है, जिसके समीप आबादी है। संतोष मेहता का घर भी खदान के काफी नजदीक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद प्रबंधन की ओर से हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
16 अक्टूबर तक काम पूरा किया जाएगा
मामले को लेकर परियोजना पदाधिकारी दीपक कुमार ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की। वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी। तय किया गया कि 25 नंबर स्टाक को समतल कर विस्थापित होने वाले ग्रामीणों को स्थानान्तरित करने का कार्य 16 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा। कट ऑफ डेट में संशोधन करने तथा पूर्व में किए गए मकान मापी को रद्द कर पुनः मकान मापी कराने पर भी सहमति बनी।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए रोहिणी परियोजना में नियंत्रित ब्लास्टिंग करने, ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों की एक माह के अंदर मरम्मत कराने तथा ब्लास्टिंग से संबंधित सभी सुरक्षा सावधानियों का पालन करने का निर्णय लिया गया।
साथ ही निर्धारित समय पर ही ब्लास्टिंग करने की बात कही गई। वार्ता में परियोजना पदाधिकारी दीपक कुमार के अलावा खान प्रबंधक शैलेश कुमार, सुरक्षा अधिकारी विकास चौधरी तथा प्रभावित ग्रामीण मौजूद थे।



