बिहारीगंज (मधेपुरा)। Madhepura Muktidham Waterlogging Lack Of Facilities News: मधेपुरा जिले के बिहारीगंज नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत स्थित एकमात्र सरकारी मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मानसून और बारिश के दिनों में मुक्तिधाम परिसर में जलजमाव एक विकराल चुनौती बन चुका है।
मुक्तिधाम की भूमि मुख्य सड़क से काफी नीचे होने के कारण पूरा परिसर पानी और कीचड़ से भर जाता है, जिसके चलते परिजनों को अपने स्वजनों के अंतिम संस्कार के लिए घंटों बारिश रुकने और पानी छंटने का इंतजार करना पड़ता है। गत शनिवार को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंचे स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। राजकिशोर भगत, बजरंग साह, प्रीतम कुमार, डॉक्टर धीरज, अनिल राज और गुड्डू भगत सहित अन्य ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परिसर में अत्यधिक नमी और गीलेपन के कारण उन्हें लकड़ी जलाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम को ऊंचा करने के लिए तुरंत मिट्टी भराई कराई जानी चाहिए। इस ज्वलंत समस्या को लेकर विधायक, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित व मौखिक सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज नगर पंचायत क्षेत्र के एकमात्र सरकारी मुक्तिधाम में बारिश के मौसम में जलजमाव से अंतिम संस्कार में भारी समस्या
- मुक्तिधाम की सड़क से नीचे भूमि होने, घेराबंदी न होने से आवारा कुत्तों के जमावड़े और चापाकल व लाइट के अभाव से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
- स्थानीय नागरिकों ने मिट्टी भराई और सुविधाएं दुरुस्त न होने पर नगर पंचायत व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की दी चेतावनी
- मुख्य पार्षद नीतू देवी का बयान- विकास कार्यों का प्रस्ताव पास है, तकनीकी कारणों व कुछ वार्ड पार्षदों के असहयोग से देरी, जल्द होगा काम
घेराबंदी न होने से आवारा कुत्तों का जमावड़ा, लाइट और चापाकल भी गायब
मुक्तिधाम में सिर्फ जलजमाव ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी बड़ा संकट है। नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में मुक्तिधाम की चारों तरफ से बाउंड्री वॉल (घेराबंदी) कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो चुका है, लेकिन धरातल पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ।
घेराबंदी न होने के कारण वहां दिन-रात आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों में अनहोनी की आशंका बनी रहती है। यद्यपि स्थानीय विधायक निरंजन कुमार मेहता की अनुशंसित निधि से एक दाह-संस्कार चबूतरे का निर्माण कराया गया है, लेकिन परिसर में पीने के पानी (चापाकल), रोशनी (स्ट्रीट लाइट) और परिजनों के बैठने के लिए शेड जैसी मूलभूत सुविधाओं का सर्वथा अभाव है।
वार्ड पार्षदों के असहयोग से अटका काम, जल्द होगा विकास: मुख्य पार्षद नीतू देवी
पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नगर पंचायत बिहारीगंज की मुख्य पार्षद नीतू देवी ने माना कि मुक्तिधाम की स्थिति में सुधार की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मुक्तिधाम की घेराबंदी, मिट्टी भराई और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए नगर पंचायत बोर्ड से प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत कर लिया गया है।
लेकिन कुछ वार्ड पार्षदों के असहयोगात्मक रवैये और कतिपय तकनीकी अड़चनों के कारण काम शुरू होने में थोड़ा समय लग रहा है। मुख्य पार्षद ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को जल्द दूर कर मुक्तिधाम के कायाकल्प का कार्य पूरा कराया जाएगा।



