पटना में गणेश चतुर्थी भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई, जहां घरों और पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश की आराधना हुई। राज्यपाल ने भी महाराष्ट्र मंडल के भव्य पंडाल में पूजा-अर्चना की, जिसमें लालबाग के राजा की प्रतिकृति और 55 लाख का मुकुट आकर्षण का केंद्र रहे।
पटना। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को राजधानी पटना भक्ति और उल्लास में डूबी रही। घरों से लेकर पूजा पंडालों तक विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना हुई। सुबह से ही श्रद्धालु गणपति की प्रतिमा स्थापना और पूजन की तैयारियों में जुटे रहे।
शाम होते-होते पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। चारों ओर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते रहे। दारोगा राय पथ स्थित महाराष्ट्र मंडल में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिकृति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है।

सोमवार को विधि-विधान से प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजा-अर्चना के साथ भगवान गणेश को हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित 55 लाख रुपये मूल्य के मुकुट पहनाया गया। साडू मिट्टी से तैयार प्रतिमा के पूजन के बाद 501 मोदक का भोग लगाया गया।
दोपहर में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने पंडाल पहुंचकर गणपति की पूजा की। पूजन के दौरान उन्होंने प्रदेश में शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष संजय भोंसले ने बताया कि मुंबई से आए 12 कारीगरों ने मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया है। पंडाल के भीतर की भगवान गणेश की साढ़े पांच फीट ऊंची प्रतिमा मुंबई से मंगाई गई है। इस बार श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला का नजारा देखने को मिलेगा।
वहीं, कोलकाता के चंदन नगर के कारीगर पंडाल को सजाया है। सोमवार को सांगली महाराष्ट्र से आए पुरोहित प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में पांच आचार्यों की टीम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराए।
पूजा में विजय पाटिल, विट्ठल घोडके, शुभदा कुलकर्णी, डॉ. कविता राऊत, शंकर किर्दत, महादेव कनशे, आनंद पवार, मल्लिकार्जुन आरले, राजेंद्र पवार, संतोष पवार, संतोष देवकर, प्रदीप पाटील, अनिल गायकवाड, सुनील शिंदे, अनमोल जाधव, शिवाजी जाधव, संजय पाटिल, अधिक मोरे, विजय पाटिल, संतोष शिंदे, सीताराम शिंदे, सुरेश सालुंखे, संजय पाटिल, सुरेश आर्ले सहित बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।
महाराष्ट्र मंडल के अलावा मीठापुर बस स्टैंड, चितकोहरा बाजार, पटना सिटी और दानापुर समेत शहर के विभिन्न इलाकों में भी आकर्षक पूजा पंडाल बनाए गए हैं।
श्रद्धालुओं ने गणेशजी को दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर और शमी पत्र अर्पित कर मोदक व लड्डू का भोग लगाया। आरती और भजन-कीर्तन में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गणपति से सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
कुमकुम हल्दी और प्रसाद का वितरण:
पूजा पंडाल में 18 सितंबर की शाम हल्दी कुमकुम का आयोजन होगा। महिलाएं गणेश भगवान को हल्दी कुमकुम अर्पित करेंगे। भक्तों के बीच माेदक समेत अन्य प्रसाद सामग्री का वितरण होगा। 20 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन होगा। नासिक के कलाकार झांझ पथक की प्रस्तुति देंगे।
फूलों से हर दिन सजेगा पंडाल:
महाराष्ट्र मंडल की ओर से बनाए गए पंडाल को प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए कोलकाता से हर दिन शृंगार के लिए फूल मंगाए जाएंगे। पंडाल की रौनक देख कर श्रद्धालु गणपति बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आ रहे हैं। गणेश उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
ढोल, नगाड़े की थाप, मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों की ध्वनि से वातावरण दिव्य हो उठा है। सात दिनों तक चलने वाले आयोजन के अंतिम दिन शोभायात्रा के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
12 फीट की प्रतिमा विराजमान:
पुराने मीठापुर बस स्टैंड (बाइपास) के पास बीते 18 वर्षों से गणेश पूजा का आयोजन हो रहा है। पूजा समिति के अध्यक्ष अजीत कुमार यादव ने बताया इस बार 19वां वर्ष होगा। इस बार भगवान गणेश की प्रतिमा पश्चिम बंगाल से मंगाया गया है। गणेश प्रतिमा 12 फीट की है। बंगाल के कारीगर भव्य पंडाल बनाए हैं।
पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमा प्रतिष्ठित कर पूजन किया गया। भगवान गणेश को प्रतिदिन घी का लड्डू, मोदक और अन्य मिष्ठान अर्पित किया जाएगा। प्रतिमा का पट खुलने के बाद दूर-दराज से भक्त दर्शन को पहुंचते हैं। 23 सितंबर को भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन होगा।
चितकोहरा बाजार में 24 वर्षों से बाल विकास संघ पूजा समिति की ओर से भगवान गणेश की प्रतिमा प्रतिष्ठित कर पूजन करने की परंपरा रही है। पंडाल को विशेष आकर्षक रूप देने के लिए कोलकाता से फूल मंगा कर सजाया जाएगा। भगवान गणेश को प्रतिदिन भगवान को घी के लड्डू और मोदक भोग लगाए जाता है।
विधि-विधान के साथ हुआ पूजन:
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7.06 से आरंभ होकर 15 सितंबर को सुबह 7.44 बजे तक रहेगी। सोमवार को घरों से लेकर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान गणेश का पूजन कर आशीष मांगे।
वहीं, कुछ स्थानों पर मंगलवार को पूजन होगा। गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से आरंभ होकर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर तक यानि 10 दिनों तक उल्लास के साथ मनेगा।



