14 सितंबर तक सकरीगली रेलवे ग्राउंड में होंगे मुकाबले
साहिबगंज। संवाददाता। शहर के निकट सकरीगली रेलवे ग्राउंड में शनिवार से तीन दिवसीय 20वीं झारखंड राज्य जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ हुआ। कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड की स्वीकृति एवं मार्गदर्शन तथा साहिबगंज जिला कबड्डी एसोसिएशन सह आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता का उद्घाटन डीईओ सह डीएसओ नयन कुमार, एईएन वेद व्यास शरण, जिला योजना पदाधिकारी अनुज कुमार, कबड्डी संघ संरक्षक बच्चू यादव, राज्य कबड्डी संघ के पदाधिकारी गोपाल ठाकुर, राज्य ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह सहित अन्य अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एवं नारियल फोड़कर किया। प्रतियोगिता में बालक वर्ग की 22 जिलों और बालिका वर्ग की 18 जिलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन अक्टूबर में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
पहले मुकाबले में साहिबगंज की शानदार जीत:
प्रतियोगिता का पहला मुकाबला साहिबगंज और गोड्डा की बालिका टीम के बीच खेला गया। साहिबगंज की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38-12 के अंतर से गोड्डा को 26 अंकों से पराजित किया। पहले ही मुकाबले में जीत दर्ज कर साहिबगंज की टीम ने प्रतियोगिता में मजबूत शुरुआत की।
पूल के आधार पर मुकाबले:
बालक वर्ग में आठ पूल बनाए गए हैं। पूल ए में बोकारो-लातेहार, बी में कोडरमा-रांची, सी में पूर्वी सिंहभूम-चतरा-सरायकेला, डी में जामताड़ा-खूंटी-पश्चिमी सिंहभूम, ई में देवघर-साहिबगंज-पाकुड़, एफ में गढ़वा-लोहरदगा-रामगढ़, जी में पलामू-दुमका-हजारीबाग और एच में गिरिडीह-गोड्डा-धनबाद की टीमें हैं।
बालिका वर्ग के पूल ए में कोडरमा-गिरिडीह, बी में हजारीबाग-जामताड़ा, सी में धनबाद-देवघर-पश्चिमी सिंहभूम, डी में बोकारो-दुमका-सरायकेला, ई में साहिबगंज-गोड्डा-पाकुड़, एफ में रामगढ़-चतरा-लोहरदगा, जी में पलामू-खूंटी-लातेहार और एच में गढ़वा-पूर्वी सिंहभूम-रांची की टीमें शामिल हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सह साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजीत सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष नवनीत कुमार सोनू, सचिव लालू यादव, उपसचिव उत्तम कुमार, जिला ओलंपिक संघ के सचिव माधव चंद्र घोष, रमाकांत मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे। देर रात तक बालक एवं बालिका वर्ग के कई मुकाबले जारी रहे। प्रतियोगिता में तकनीकी पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।




