साहिबगंज। झारसेवा पोर्टल पर जाति के नाम में कथित विसंगति को लेकर मयरा मोदक समाज के हजारों युवाओं के भविष्य पर चिंता जताई गई है। समाज के लोगों का कहना है कि पोर्टल पर “MAYRA-MAIRA” और “MODAK” अलग-अलग विकल्प के रूप में प्रदर्शित होने से जाति प्रमाण-पत्र और केंद्रीय ओबीसी सूची में दर्ज नाम के बीच अंतर हो रहा है।
समाज के अनुसार, झारखंड की अत्यंत पिछड़ा वर्ग (BC-I) सूची में क्रमांक 118 पर “मयरा (मैरा) मोदक” दर्ज है। वहीं, केंद्रीय ओबीसी सूची में भी इसी नाम का उल्लेख है। आरोप है कि पोर्टल की तकनीकी त्रुटि के कारण प्रमाण-पत्र में केवल मयरा या मैरा दर्ज होने से केंद्रीय सरकारी भर्तियों में दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है।
समाज के लोगों ने सरकार से पोर्टल पर जाति का एकीकृत नाम दर्ज करने, पुराने प्रमाण-पत्रों को मान्य रखने और तकनीकी सुधार होने तक नाम के अंतर के आधार पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी प्रभावित नहीं करने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई है।



