रेलवे पुल पर आवागमन बंद होने से आसपास के सात गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने इसके खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। किसानों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण रेल मंत्री को ज्ञापन भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
बरहरवा. हावड़ा रेल मंडल के पाकुड़ रेलखंड पर कोटालपोखर रेलवे स्टेशन के समीप विजयपुर स्थित रेलवे पुल संख्या 256 पर रास्ता बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है. शुक्रवार को किसान अधिकार संघर्ष समिति के बैनर तले विजयपुर गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया. इसमें सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर रेलवे प्रशासन के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया.
सात से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे पुल पर लोहे के स्लीपर लगाकर रास्ता बंद कर दिए जाने से आसपास के सात से अधिक गांवों के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है. ग्रामीण वर्षों से इस रास्ते का इस्तेमाल दैनिक आवागमन और कृषि कार्यों के लिए करते आ रहे थे. रास्ता बंद होने से किसानों को खेतों तक पहुंचने और फसल की ढुलाई में परेशानी हो रही है.
खासकर धान कटनी के मौसम में किसानों को करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है. इससे उनका समय और आर्थिक खर्च दोनों बढ़ रहे हैं.
रेल मंत्री को भेजेंगे हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
हस्ताक्षर अभियान के दौरान ग्रामीणों ने तय किया कि हस्ताक्षरयुक्त सामूहिक ज्ञापन केंद्रीय रेल मंत्री को भेजा जाएगा. इसकी प्रतिलिपि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक, हावड़ा मंडल के डीआरएम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी भेजी जाएगी.
सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग
समिति ने मांग की है कि रेलवे अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुरूप बैलगाड़ी, कृषि वाहनों तथा छोटे वाहनों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करें.
अभियान में मयूरकोला, दुखियाटोला, ढाटापाड़ा पथरिया, बड़ासोनाकड़, विजयपुर, मुसहरी टोला, भदईटाड़ और फुलचुवा समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण शामिल हुए. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे रेलवे सुरक्षा के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सुरक्षित आवागमन के लिए स्थायी समाधान चाहते हैं.



