रांची में संत अन्ना धर्मसंघ का विकास मेला महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का मंच बना है. स्वदेशी उत्पाद और हर्बल औषधियां प्रमुख आकर्षण हैं.
Ranchi Development Fair: संत अन्ना धर्मसंघ के पुरुलिया रोड स्थित मूलमठ में बुधवार से दो दिवसीय विकास मेला की शुरुआत हुई. मेले में देशज उत्पादों और हर्बल औषधियों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इस आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया जा रहा है.
यह विकास मेला संत अन्ना धर्मसंघ की संस्थापिका माता मेरी बेनादित और उनकी तीन सहायिकाओं माता सिसिलिया, माता वेरोनिका एवं माता मेरी की हड़गड़ी की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है. मेले का उद्घाटन संत अन्ना धर्मसंघ की सुपीरियर जनरल सिस्टर लिंडा मेरी वॉन और सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर फ्रांसिस मिंज ने संयुक्त रूप से किया.
एकता, प्रेम और सेवा का प्रतीक है विकास मेला
मुख्य अतिथि एवं धर्मसंघ की सुपीरियर जनरल सिस्टर लिंडा मेरी वॉन ने कहा कि यह उनके धर्मसंघ के लिए विशेष अवसर है. संस्थापिका और उनकी सहयोगी बहनों की हड़गड़ी की वर्षगांठ पर आयोजित यह विकास मेला धर्मसंघ की एकता, प्रेम, समर्पण और सेवा की भावना को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आपसी सहयोग और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं.
महिलाओं के स्वावलंबन से रुकेगा पलायन : फादर फ्रांसिस मिंज
सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर फ्रांसिस मिंज ने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन का संदेश दे रहा है. मेले में देशज उत्पादों और हर्बल औषधियों की उपलब्धता सराहनीय है. इन उत्पादों को व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा की भावना से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने से पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
इससे पूर्व फादर पीटर महेंद्र शहदेव प्रजापति ने प्रार्थना का नेतृत्व किया और मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों को आशीष दी. मौके पर प्रथम सलाहकारिणी सिस्टर निर्मला ज्योति कच्छप, सिस्टर सलोमी खेस, सिस्टर सिसिलिया बाड़ा समेत धर्मसंघ की अन्य धर्मबहनें उपस्थित थीं.



