झारखंड में माओवादी संगठनों के तीन सप्ताह के कार्यक्रम को लेकर पुलिस अलर्ट है. रेलवे, सरकारी कार्यालयों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और नक्सल प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किये गये हैं.
रांची: झारखंड में नक्सली एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं. प्रतिबंधित भाकपा माओवादी नक्सली संगठन की ओर से नवंबर महीने में लगातार तीन सप्ताह तक अलग-अलग कार्यक्रम मनाये जाने की सूचना के बाद पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में अलर्ट जारी किया है. पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), झारखंड की ओर से पांच नवंबर 2026 को जारी गोपनीय पत्र में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया गया है. इसमें रांची, जमशेदपुर और धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षकों के अलावा झारखंड जगुआर और रेल पुलिस के अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.
तीन चरणों में मनायेंगे कार्यक्रम
पुलिस मुख्यालय के पत्र के अनुसार, भाकपा माओवादी संगठन 8 से 15 नवंबर तक खूनी क्रांति सप्ताह मनाने की तैयारी में है. इसके बाद 16 से 22 नवंबर तक दमन विरोधी सप्ताह और 24 से 30 नवंबर तक शहीद सप्ताह मनाया जायेगा. पुलिस अधीक्षक (एसआइबी) विशेष शाखा, झारखंड के चार नवंबर को भेजे गये पत्र के संदर्भ में यह निर्देश जारी किया गया है.
विशेष सप्ताह में अप्रिय घटना की आशंका
पत्र में कहा गया है कि माओवादी संगठन के लगातार आत्मसमर्पण, पुनर्वास और गिरफ्तारियों के कारण संगठन कमजोर हुआ है. इसके बावजूद इन विशेष सप्ताहों के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में सभी जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है.
कौन हो सकते हैं निशाने पर
पुलिस मुख्यालय ने आशंका जतायी है कि माओवादी संगठन सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है. इनमें सरकारी कार्यालय, प्रखंड और अंचल कार्यालय, बैंक, वित्तीय संस्थान, वन विभाग के कार्यालय और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठान शामिल हैं. इसके अलावा संचार सेवाओं से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतने को कहा गया है.
पत्र में रेलवे परिसरों, सड़कों, पुल-पुलियों, हाट-बाजारों और सुरक्षा बलों से जुड़े प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है. पुलिस प्रशासन को किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है.
एसओपी के पालन और सूचनाओं के सत्यापन पर जोर
पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) ने निर्देश दिया है कि तीनों सप्ताह के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों की नियमित ब्रीफिंग की जाये. सुरक्षा के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाये. माओवादियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाये और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाये जायें.
पुलिस को दिया जा सकता है चकमा
पत्र में पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नक्सलियों ने छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस बल को घटनास्थल पर बुलाने की कोशिश की है. इसलिए किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पहले उसका गहन सत्यापन किया जाये. इसके बाद ही जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जाये. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को आवश्यक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था संबंधी कदम उठाने का निर्देश दिया है, ताकि इन सप्ताहों के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.



