बरहेट में मां काली की प्राचीन पूजा का भव्य आयोजन दो दशकों से जारी है. आस्था, विश्वास और उत्सव का संगम इस बार भी लोगों को आकर्षित करेगा.
बरहेट.बरहेट में मां काली की पूजा-अर्चना की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मां काली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के कारण हर वर्ष यहाँ विधि-विधान के साथ भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है. पूजा को लेकर क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह रहता है. धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा यह भव्य आयोजन बरहेट की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है.
दो दशकों से अटूट है राम बहादुर साह और उत्पल दत्ता का नेतृत्व
पूजा समिति के अध्यक्ष राम बहादुर साह और सचिव उत्पल दत्ता के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों से लगातार मां काली की पूजा-अर्चना का सफल आयोजन किया जा रहा है. समिति के कुशल नेतृत्व में पूजा की इस प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने और पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने का निरंतर प्रयास किया जाता है. पूजा के दौरान श्रद्धालु मां काली के दरबार में दर्शन कर सुख-समृद्धि और अपने परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं.
पूजा के साथ सजेगा भव्य मेला, उमड़ेगी भारी भीड़
यहाँ मां काली की पूजा के पावन अवसर पर एक भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है. इस मेले में आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. मेले में विभिन्न प्रकार की आकर्षक दुकानें सजती हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के सामानों की जमकर खरीदारी करते हैं. पूजा और मेले के अनूठे संगम के कारण पूरे क्षेत्र में एक उत्सव जैसा माहौल बन जाता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में इस मेले को लेकर खासी उत्सुकता देखी जा रही है.
तैयारियां हुई पूरी, श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
इस वर्ष भी मां काली की पूजा और मेले के भव्य आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पूजा समिति की ओर से पूरे आयोजन को शानदार बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने और माता के दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बरहेट में मां काली की पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल का भी बड़ा केंद्र है, जो लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाने का सुनहरा अवसर देता है.



