साहिबगंज के 15 छात्रावासों के 1030 छात्र-छात्राओं को अब NGO द्वारा तैयार भोजन मिलेगा. यह योजना उनकी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी.
साहिबगंज. साहिबगंज जिले के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन 15 छात्रावासों में रहने वाले 1030 छात्र-छात्राओं को अब भोजन बनाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. झारखंड अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ी जाति/अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना के तहत छात्रावासों में एनजीओ के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू की गयी है.
भोजन बनाने से मिलेगी मुक्ति, पढ़ाई के लिए मिलेगा अधिक समय
अभी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को खुद रसोई या कमरे में खाना बनाकर पढ़ाई करनी पड़ती है. योजना लागू होने के बाद एनजीओ के माध्यम से भोजन तैयार कराया जायेगा. इससे विद्यार्थियों के समय की बचत होगी और वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे.
सरकार की इस योजना का उद्देश्य छात्रावासों में भोजन, साफ-सफाई और परिसर की सुरक्षा की व्यवस्था करना है, ताकि आवासित छात्र-छात्राएं इन चिंताओं से मुक्त होकर अपना ध्यान पठन-पाठन पर केंद्रित कर सकें.
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगी व्यवस्था
जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास ने बताया कि सरकार की इस योजना का लाभ जिले के 15 छात्रावासों के 1030 बच्चों को मिलेगा. फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. सरकार का निर्देश मिलते ही विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने लगेगा.
छात्रावास में रहने के लिए निर्धारित नियमों का करना होगा पालन
योजना के तहत छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए कई नियम निर्धारित किये गये हैं.
- प्रत्येक छात्र-छात्रा को आवंटित कक्ष का ही उपयोग करना होगा. अधीक्षक की अनुमति के बिना किसी अन्य को अपने कमरे में रहने की सुविधा नहीं दे सकेंगे.
- शैक्षणिक अवकाश के अतिरिक्त छात्रावास से बाहर जाने के लिए अधीक्षक की अनुमति जरूरी होगी.
- छात्रावास से बाहर जाने और वापस आने की सूचना संबंधित पंजी में दर्ज करानी होगी.
- विद्यार्थियों को अपने माता-पिता एवं स्थानीय अभिभावक का पूरा विवरण और दूरभाष नंबर अधीक्षक को देना होगा.
- स्थानीय अभिभावक, माता-पिता एवं सगे-संबंधियों से निर्धारित अवधि में ही मुलाकात की जा सकेगी.
- छात्रावास परिसर का उपयोग शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ही किया जायेगा.
- अनुशासनहीनता का आरोप सिद्ध होने पर अधीक्षक नियमानुसार निष्कासन की कार्रवाई कर सकेंगे.
- रैगिंग, नशाखोरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाये जाने पर छात्रावास से निष्कासन के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.
इन 15 छात्रावासों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित एवं निर्माणाधीन छात्रावासों के लिए कुल 1030 सीटें निर्धारित हैं.
| प्रखंड | छात्रावास | स्वीकृत बल |
| साहिबगंज | एसटी कल्याण छात्रावास, साहिबगंज कॉलेज | 100 |
| साहिबगंज | एसटी कल्याण छात्रावास, न्यू साहिबगंज कॉलेज | 100 |
| साहिबगंज | एसटी कल्याण छात्रावास, खरवार | 50 |
| साहिबगंज | एससी कल्याण छात्रावास, हरिजन | 50 |
| साहिबगंज | एससी बालिका कल्याण छात्रावास, पोखरिया | 50 |
| साहिबगंज | एसटी बालिका कल्याण छात्रावास, पोखरिया | 30 |
| साहिबगंज | एसटी बालिका कल्याण छात्रावास, पोखरिया | 100 |
| बरहरवा | एसटी कल्याण छात्रावास, बीएसके कॉलेज | 50 |
| बरहरवा | एसटी बालिका कल्याण छात्रावास, बीएसके कॉलेज | 100 |
| उधवा | अल्पसंख्यक समुदाय कल्याण छात्रावास, उच्च विद्यालय | 50 |
| साहिबगंज | एसटी कल्याण छात्रावास, बड़ी कोदरजन्ना | 100 |
| बरहेट | एसटी कल्याण छात्रावास, एसएमसी दामिन उच्च विद्यालय | 25 |
| बरहरवा | एसटी कल्याण छात्रावास, प्लस टू उच्च विद्यालय | 25 |
| पतना | एसटी महिला छात्रावास, निर्माणाधीन | 100 |
| बरहेट | एसटी छात्रावास, उच्च विद्यालय कुसमा | 100 |
| कुल | 15 छात्रावास | 1030 |
क्या कहते हैं जिला कल्याण पदाधिकारी
जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास ने बताया कि सरकार की इस योजना का लाभ जिले के 15 छात्रावासों के 1030 बच्चों को मिलेगा. टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. सरकार का निर्देश मिलते ही लाभ मिलना शुरू हो जायेगा.




